दंतेवाड़ा में 61 छात्राओं को मिली सरस्वती साइकिल योजना का लाभ, कन्या शिक्षा परिसर जावंगा में हुआ वितरण कार्यक्रम

दंतेवाड़ा के कन्या शिक्षा परिसर जावंगा में छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना के तहत 61 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

Nov 10, 2025 - 18:04
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दंतेवाड़ा में 61 छात्राओं को मिली सरस्वती साइकिल योजना का लाभ, कन्या शिक्षा परिसर जावंगा में हुआ वितरण कार्यक्रम

UNITED NEWS OF ASIA. असीम पाल, दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत आज विकासखंड गीदम के कन्या शिक्षा परिसर जावंगा में निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 61 छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई, जिससे वे शिक्षा के प्रति अधिक आत्मनिर्भर और प्रेरित हो सकेंगी।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जनपद पंचायत अध्यक्ष शकुंतला भास्कर, उपाध्यक्ष दिनेश कौशल, सरपंच बोमड़ा राम कोवासी, नगर पंचायत गीदम अध्यक्ष रजनीश सुराना, एसएमडीसी अध्यक्ष श्याम सिंह ठाकुर, जनपद सदस्य पवन कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

मुख्य अतिथि चैतराम अटामी ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा समाज की सशक्त नींव है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है कि हर बच्ची को शिक्षा का अधिकार और अवसर मिले। उन्होंने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी और उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी।

कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक नितिन विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर शासकीय कन्या शिक्षा परिसर जावंगा के प्राचार्य राजेन्द्र श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी भवानी पुनेम, खंड स्रोत समन्वयक जितेन्द्र सिंह चौहान, अधीक्षिका शर्मिला कड़ती, शिक्षिका सीमा सिंह चौहान, रविन्द्र झा सहित शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।

 

अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल प्राप्त करने पर बधाई देते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और समाज को नई दिशा देती है।

सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को विद्यालय तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। यह योजना शिक्षा में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने भी शासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया और नियमित रूप से विद्यालय आने का संकल्प लिया।