कांग्रेस नेता पुकेश चंद्राकर ने “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान में 8700 हस्ताक्षर फॉर्म भरवाए

कांग्रेस पार्टी के “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत दुर्ग जिले में किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर ने बड़ा योगदान देते हुए 8700 हस्ताक्षर फॉर्म भरवाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को सौंपे। यह संख्या जिले में किसी एक व्यक्ति द्वारा एकत्रित हस्ताक्षरों का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

Oct 31, 2025 - 11:00
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कांग्रेस नेता पुकेश चंद्राकर ने “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान में 8700 हस्ताक्षर फॉर्म भरवाए

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश भुवाल, दुर्ग। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में दुर्ग जिले के किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर ने उल्लेखनीय योगदान देते हुए 8700 हस्ताक्षर फॉर्म भरवाकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को सौंपे।

यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है, जो किसी एक व्यक्ति द्वारा जिले में एकत्र की गई है। इस उपलब्धि ने न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि जनता इस अभियान से गहराई से जुड़ रही है।

अभियान के दौरान पुकेश चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का “वोट चोर गद्दी छोड़” आंदोलन तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनता भाजपा सरकार की नीतियों और वादाखिलाफी से नाराज है और इस अभियान के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हस्ताक्षर अभियान जनता की लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक है, जिसमें किसान, मजदूर, महिला, युवा और व्यापारी वर्ग समान रूप से भाग ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि जनता की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। हर हस्ताक्षर एक जनमत की गूंज है जो बदलाव की दिशा में बढ़ रहा है।”

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, संगठन प्रभारी अकील हुसैन, जगेंद्र पांडे, दीपक पांडे, और दुर्ग जिले से उनके सहयोगी बैकुंठ महानंद तथा अजय चंद्राकर भी उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह अभियान आने वाले समय में और भी व्यापक रूप लेगा और प्रदेशभर में जनता के बीच जाकर वर्तमान सरकार की नीतियों के खिलाफ जनमत तैयार किया जाएगा।

किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर ने अभियान की सफलता का श्रेय आम जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीण इलाकों के किसानों को दिया जिन्होंने स्वेच्छा से हस्ताक्षर अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा और जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए जारी रहेगा।