स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, बढ़े बिजली बिलों पर सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर से अधिक बिजली खपत दर्ज होने और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर वापस लेने, बिजली दरों में राहत देने और आम उपभोक्ताओं को बढ़ते आर्थिक बोझ से बचाने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में कथित बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के कारण वास्तविक खपत से अधिक बिजली खपत दर्ज हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने और जनता को राहत देने की मांग की है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के कई उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं। उनका दावा है कि पहले की तुलना में कई परिवारों के बिजली बिल दो से तीन गुना तक बढ़कर आ रहे हैं, जबकि बिजली की वास्तविक खपत में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में भी स्मार्ट मीटर को लेकर सवाल उठे हैं। प्रेस विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया गया कि वहां की सरकार ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है। इसी आधार पर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ सरकार से भी स्मार्ट मीटर वापस लेने और उपभोक्ताओं के हित में निर्णय लेने की मांग की।
सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार की बिजली नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिजली दरों में कई बार वृद्धि की है और पहले लागू रियायतों में भी कटौती की गई है। उनका कहना है कि 400 यूनिट तक मिलने वाली रियायत को घटाकर 200 यूनिट कर दिया गया है तथा निर्धारित सीमा से अधिक खपत होने पर उपभोक्ताओं को मिलने वाली पूरी छूट समाप्त हो जाती है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ा है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि स्मार्ट मीटर लगाने के साथ-साथ बिजली की दरों में वृद्धि और अन्य बदलावों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में जनता को राहत देना चाहती है तो बिजली बिलों की समीक्षा करे, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की मांग को लेकर पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन चला रही है। पार्टी का कहना है कि जब तक आम जनता को बढ़े हुए बिजली बिलों से राहत नहीं मिलती, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा। यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सामने आया है, जिसमें सरकार की ऊर्जा नीति और स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर पार्टी का पक्ष रखा गया है।