बहनों के हुनर को सम्मान, आत्मनिर्भरता को संबल, कलेक्टर ने ‘बिहान’ स्टॉल से खरीदी राखी
बेमेतरा कलेक्ट्रेट परिसर में रक्षाबंधन के अवसर पर ‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने राखी स्टॉल लगाया। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्टॉल से महिलाओं द्वारा तैयार राखियां खरीदीं और उनके हुनर व मेहनत की सराहना की। इस पहल के जरिए महिला स्वावलंबन, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l रक्षाबंधन के अवसर पर बेमेतरा कलेक्ट्रेट परिसर में ‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए राखी स्टॉल ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्टॉल पर पहुंचकर महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई आकर्षक राखियां खरीदीं और उनके हुनर, मेहनत एवं लगन की सराहना की। कलेक्टर की इस पहल से स्टॉल पर मौजूद महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं समूह के माध्यम से अपने हुनर का उपयोग कर अलग-अलग उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों की बिक्री से महिलाओं को आय का साधन मिलने के साथ अपने कौशल को बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी मिल रहा है।
कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए राखी स्टॉल पर महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई विभिन्न प्रकार की राखियां प्रदर्शित की थीं। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्टॉल का अवलोकन किया और महिलाओं से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने राखियां खरीदीं। उन्होंने महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्व-सहायता समूहों के उत्पाद महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता की पहचान हैं।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बाजार और लोगों का सहयोग मिलने से उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास बढ़ता है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्राथमिकता देने से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलती है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को खरीदकर ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों को प्रोत्साहित करें।
स्टॉल पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि प्रशासन और आम नागरिकों की ओर से उनके उत्पादों को मिलने वाला प्रोत्साहन उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। जब उनके हाथों से तैयार उत्पादों की बिक्री होती है और लोग उनकी सराहना करते हैं, तो उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। इससे वे नए उत्पाद तैयार करने और अपने स्व-सहायता समूह को मजबूत करने के लिए उत्साहित होती हैं।
‘बिहान’ से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं केवल राखी ही नहीं, बल्कि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं। समूह के माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे को सहयोग देते हुए रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी उनका योगदान बढ़ रहा है।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियां भाई-बहन के रिश्ते के साथ महिला सम्मान और स्वावलंबन का संदेश भी दे रही हैं। कलेक्टर द्वारा राखी खरीदने की पहल ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की भावना को मजबूत किया। ‘बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान’ के भाव के अनुरूप महिलाओं की मेहनत और हुनर को सम्मान देने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण संदेश देती है।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर ‘बिहान’ की महिलाओं के हाथों से तैयार राखियों ने यह संदेश दिया कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर के दम पर आर्थिक रूप से सक्षम बन सकती हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार और समाज का समर्थन मिलने से महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूती मिलती है और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों को नई गति मिलती है।