मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को आयुष्मान से स्वास्थ्य सुरक्षा और नई पहचान

छत्तीसगढ़ में माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल के तहत आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिससे उन्हें मुफ्त इलाज और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में नई उम्मीद मिल रही है।

Apr 23, 2026 - 18:43
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को आयुष्मान से स्वास्थ्य सुरक्षा और नई पहचान

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा  l छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पुनर्वासित युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास अब ठोस परिणाम देने लगे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल के तहत माओवाद का रास्ता छोड़ चुके युवाओं को न केवल सामाजिक रूप से पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ देकर आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया जा रहा है।

राज्य सरकार ने इन युवाओं के लिए एक समग्र सहायता मॉडल तैयार किया है, जिसके अंतर्गत उन्हें आवश्यक दस्तावेज जैसे राशन कार्ड और आधार कार्ड तेजी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह कदम उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन युवाओं के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे वे गंभीर बीमारियों का इलाज बिना आर्थिक बोझ के करा सकें। हाल ही में बीजापुर जिला के जिला चिकित्सालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कई पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।

इन कार्डों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है। यह सुविधा उन युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और महंगे इलाज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होते।

कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को इन योजनाओं के उपयोग, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि वे जरूरत पड़ने पर आसानी से इनका लाभ उठा सकें।

आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। उन्होंने सरकार के इस प्रयास को सराहते हुए कहा कि अब उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता नहीं है और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजना बना सकते हैं।

यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। पुनर्वासित युवाओं को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त बनाया जाए। इससे न केवल उनका जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि समाज में स्थिरता और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, यह पहल छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास और पुनर्वास की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है, जहां पूर्व में भटके हुए युवाओं को नई दिशा और पहचान मिल रही है।