बस्तर में सचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक दौरा: खेलों से बदलते भविष्य की नींव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया नई पहचान

दंतेवाड़ा के छिंदनार गांव में सचिन तेंदुलकर के दौरे ने बस्तर में खेल क्रांति की शुरुआत की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे बदलते बस्तर की नई पहचान बताया।

Apr 23, 2026 - 18:54
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बस्तर में सचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक दौरा: खेलों से बदलते भविष्य की नींव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया नई पहचान

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में खेल और युवा विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का हालिया दौरा ऐतिहासिक साबित हो रहा है। दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार गांव में उनका आगमन न केवल एक प्रेरणादायक क्षण था, बल्कि यह बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर भी पेश करता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दौरे को बस्तर के विकास और आत्मविश्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह नया बस्तर अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर अवसर, विकास और उम्मीद की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयास युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगे।

इस दौरान छिंदनार स्थित स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार में मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया गया, जिसे सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन द्वारा विकसित किया गया है। यह मैदान स्थानीय बच्चों और युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

कार्यक्रम के दौरान सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के साथ खेल गतिविधियों में भाग लिया और उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित किया। रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे खेलों में बच्चों की भागीदारी ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। सचिन ने कहा कि केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि विभिन्न खेलों में भागीदारी से मानसिक मजबूती, अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे मैदान से शुरू हुई उनकी यात्रा उन्हें विश्व क्रिकेट के शिखर तक ले गई। साथ ही उन्होंने छात्रों को पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह भी दी।

इस पहल के तहत आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में ऐसे ही खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यहां के बच्चों में अपार प्रतिभा है और सही अवसर मिलने पर वे देश-विदेश में अपनी पहचान बना सकते हैं।

इस अवसर पर स्थानीय प्रतिभाओं ने भी अपनी खेल गतिविधियों का प्रदर्शन किया और सचिन तेंदुलकर को अपनी उपलब्धियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरित किए गए और सचिन तेंदुलकर को स्थानीय कला से जुड़े स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

कुल मिलाकर, यह दौरा बस्तर में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की दिशा में एक मजबूत पहल साबित हो रहा है। यह न केवल खेल अधोसंरचना के विकास का प्रतीक है, बल्कि एक ऐसे बस्तर की पहचान भी है जो अब संभावनाओं और अवसरों से भरपूर है।