यात्री किराए के मुद्दे का जल्द होगा समाधान, परिवहन विभाग की अधिकाधिक सेवाएं होंगी ऑनलाइन

परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के साथ बैठक में यात्री किराया, स्लीपर बस टैक्स, समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट और बसों की ट्रैकिंग समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री ने यात्री किराए से जुड़े विषय का जल्द समाधान करने और महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग व आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए।

Sep 9, 2026 - 13:29
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यात्री किराए के मुद्दे का जल्द होगा समाधान, परिवहन विभाग की अधिकाधिक सेवाएं होंगी ऑनलाइन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बस संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में यात्री किराए के पुनर्निर्धारण, स्लीपर बसों के टैक्स, बसों की समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, फिटनेस प्रमाण-पत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा सहित परिवहन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। मंत्री ने बस संचालकों की समस्याओं को सुनते हुए यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बैठक में बस ऑनर फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी। इसके साथ ही 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने का मुद्दा भी उठाया गया। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यात्री किराए से जुड़े विषय का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

स्लीपर बसों में टैक्स व्यवस्था को लेकर भी संचालकों ने अपनी समस्या सामने रखी। फेडरेशन ने एक स्लीपर के बदले दो सीटों के बराबर टैक्स लेने की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स निर्धारित करने का सुझाव दिया। मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को इसके तकनीकी, व्यावहारिक और राजस्व से जुड़े पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बसों की समय-सारिणी को व्यवस्थित करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट और ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर निर्धारित करने का सुझाव दिया। मंत्री ने कहा कि समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए जिससे यात्रियों को पर्याप्त परिवहन सुविधा मिल सके और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की स्थिति न बने। उन्होंने यात्रियों की सुविधा और बसों के व्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में स्टेज कैरिज बसों के लिए ऑनलाइन परमिट व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं। परिवहन मंत्री ने परमिट सहित विभाग की अधिकाधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से परिवहन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि बस संचालकों और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

महिला यात्रियों की सुरक्षा को बैठक में विशेष प्राथमिकता दी गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि बस में पहली या अंतिम सवारी महिला होने की स्थिति में वाहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बसों में कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

केदार कश्यप ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बसें आम लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। इसलिए संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं का नियमानुसार समाधान करते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, बस ऑनर फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल पूसदकर सहित विभिन्न पदाधिकारी, प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।