कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के चलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य दीपक कुमार देवांगन ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें रोजगारोन्मुखी और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने ड्रोन टेक्नोलॉजी के महत्व पर विचार रखे और भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में तकनीकी विकास की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रिंकेश वैष्णव ने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। महाविद्यालय में ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण आयोजित होना कबीरधाम जिले के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक एवं अध्यक्ष मानस मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि छात्र शक्ति राष्ट्र शक्ति है और आधुनिक तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों को भविष्य के लिए अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बना सकता है।
विशेष सत्र में शासकीय नवीन महाविद्यालय कुई-कुकदुर के प्राचार्य प्रो. जी.ए. घनश्याम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में तकनीकी शिक्षा, बहुविषयक दृष्टिकोण और कौशल विकास के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यावहारिक अनुभव और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और लगातार नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा-बिलासपुर के भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. रत्नेश तिवारी तथा अरजावम वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं को-फाउंडर नितेश ठक्कर ने विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने ड्रोन की आधारभूत संरचना, उड़ान सिद्धांत, सेंसर, जीपीएस नेविगेशन और ऑटोपायलट सिस्टम के बारे में बताया। कृषि, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, मैपिंग और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को ड्रोन की असेंबलिंग, सिस्टम और उड़ान से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के साथ कॉलेज परिसर में लाइव असेंबलिंग और प्रायोगिक उड़ान का प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला के दौरान साइंटिफिक रंगोली, मॉडल निर्माण और ड्रोन विषय पर पीपीटी प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। रंगोली प्रतियोगिता में राजेश्वरी पटेल और पूजा कौशिक ने प्रथम तथा ममता और यामिनी कौशिक ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मॉडल निर्माण में इशरत और नेहा प्रथम तथा खिलेंद्र, राकेश, पृथ्वीराज और गिरीश की टीम द्वितीय रही। पीपीटी प्रस्तुतिकरण में मोहसिन बैग ने प्रथम और प्राची ठाकुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समापन पर डॉ. दीप्ती जांगड़े ने अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, आयोजन समिति और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।