पीजी कॉलेज कवर्धा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा में भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राकृतिक देशज संसाधन एवं संस्कृति प्रकोष्ठ तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का सम्मान किया।

Jul 30, 2026 - 11:45
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पीजी कॉलेज कवर्धा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा

UNITED NEWS OF ASIA.कवर्धा। आचार्य पंथ श्री गृंधमुनि मुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कवर्धा में भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राकृतिक देशज संसाधन एवं संस्कृति प्रकोष्ठ तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु केवल ज्ञान का संचार नहीं करते, बल्कि अपने मार्गदर्शन से व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करते हुए उसे जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राकृतिक देशज संसाधन एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की समिति प्रभारी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कविता कन्नौजे ने किया। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय परंपरा में गुरु के योगदान को रेखांकित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का तिलक लगाकर सम्मान किया तथा उनके प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा को बनाए रखने और शिक्षा के साथ संस्कारों को भी जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा और सम्मान से ओतप्रोत रहा।

समापन अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और गुरुजनों के मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया। गुरु पूर्णिमा के इस आयोजन ने विद्यार्थियों में गुरु के प्रति सम्मान, भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आस्था और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।