11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। फेडरेशन ने सभी कर्मचारी-अधिकारियों से जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

Dec 31, 2025 - 12:04
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11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की हड़ताल

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, कुसमी/रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया है। फेडरेशन के अनुसार शासन-प्रशासन द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने से प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।

फेडरेशन ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 16 जुलाई 2025 को जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर 11 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया गया था। इसके बाद भी निरंतर पत्राचार और आग्रह के बावजूद मांगों के निराकरण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों को आंदोलन के अगले चरण के लिए विवश होना पड़ा।

अब तृतीय चरण के आंदोलन के तहत तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन कुसमी के तहसील संयोजक संजीव शर्मा एवं ब्लॉक संयोजक हरकेश भारती ने सभी कर्मचारी-अधिकारियों से भावनात्मक अपील की है कि वे जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएं।

फेडरेशन की प्रमुख मांगों में मोदी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता दिए जाने, वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करने, तथा पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग शामिल है।

इसके अलावा फेडरेशन ने प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान (8, 16, 24 एवं 32 वर्ष) लागू करने, सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति देने की मांग की है।

अन्य प्रमुख मांगों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना, अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करना, अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने तथा कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग शामिल है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 125 मान्यता एवं गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों ने संयुक्त रूप से इस तीन दिवसीय आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।