चीफ जस्टिस के. आर. महापात्र के सम्मान में ओवेशन, बोले- सभी के सहयोग से न्याय के प्रति प्रतिबद्धता होगी और मजबूत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालने के बाद जस्टिस के. आर. महापात्र के सम्मान में ओवेशन आयोजित किया गया। समारोह में उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हाईकोर्ट न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा तथा पक्षकारों के विश्वास और अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

Sep 8, 2026 - 07:44
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चीफ जस्टिस के. आर. महापात्र के सम्मान में ओवेशन, बोले- सभी के सहयोग से न्याय के प्रति प्रतिबद्धता होगी और मजबूत

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद जस्टिस कृष्णा राम महापात्र के सम्मान में ओवेशन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, महाधिवक्ता और अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर जस्टिस महापात्र ने कहा कि उनके स्वागत में कही गई बातें केवल प्रशंसा नहीं हैं, बल्कि उनके प्रति व्यक्त स्नेह, विश्वास और एक बड़ी जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ केवल पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि उनकी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन में भी कई समानताएं हैं। महानदी को दोनों राज्यों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उन्होंने आपसी संबंधों की विशेषता को रेखांकित किया।

जस्टिस महापात्र ने कहा कि न्यायपालिका के सामने पक्षकारों के विश्वास और अपेक्षाओं को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और हाईकोर्ट से जुड़े सभी लोगों के सहयोग से न्याय के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने पक्षकारों के हित और उनके विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की समृद्ध न्यायिक परंपरा को आगे बढ़ाने में जस्टिस महापात्र का नेतृत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महाधिवक्ता और हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ की ओर से भी उनका अभिनंदन किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया।

जानिए कौन हैं जस्टिस के. आर. महापात्र

जस्टिस कृष्णा राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनके स्वर्गीय पिता जस्टिस शरत चंद्र महापात्र भी न्यायपालिका में महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं। पिता की न्यायिक पृष्ठभूमि से प्रेरित होकर कृष्णा राम महापात्र ने भी कानून के क्षेत्र में करियर बनाया। उन्होंने बीए के बाद एलएलबी की डिग्री हासिल की और 7 फरवरी 1988 को उड़ीसा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए।

करीब 26 वर्षों तक वकालत के दौरान उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में पैरवी की। इसके अलावा गार्डियंस एंड वार्ड्स एक्ट, हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्डियनशिप एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट से संबंधित मामलों में भी उनका अनुभव रहा। वे राज्य सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील और ओडिशा लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता भी रहे। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और एनआईओएस का कानूनी प्रतिनिधित्व भी किया।

ओडिशा हाईकोर्ट में 17 अप्रैल 2015 को न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद उन्होंने मध्यस्थता, संवैधानिक अधिकारों और विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी मामलों पर कई फैसले दिए। 1 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी। करीब चार दशक के कानूनी और न्यायिक अनुभव के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद उनके न्यायिक करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।