छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियां: असंगठित क्षेत्र प्रकोष्ठ में पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की घोषणा

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ में नए पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस निर्णय से संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Apr 1, 2026 - 19:13
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियां: असंगठित क्षेत्र प्रकोष्ठ में पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की घोषणा

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ में नई नियुक्तियों की घोषणा की गई है। इस संबंध में प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक  ने पदाधिकारियों और विभिन्न जिलों के अध्यक्षों की सूची जारी की है।

यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अनुमति तथा प्रदेश कांग्रेस महासचिव (प्रशासन) मलकीत सिंह गेदु के अनुमोदन से की गई हैं।

जारी सूची के अनुसार, संगठन में एक प्रदेश उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महासचिव, आठ प्रदेश सचिव और प्रदेश के 27 जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों के माध्यम से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्तियां संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से की गई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों के अनुरूप जनहित में कार्य करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में आम जनता की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करेगी। असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों और कमजोर वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए यह प्रकोष्ठ सक्रिय भूमिका निभाएगा।

प्रकोष्ठ के माध्यम से पार्टी भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का भी कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और जनविरोधी नीतियों का विरोध करेगी।

इस दौरान रायपुर शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी जमीनी कार्यकर्ता करण जी राज को सौंपी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों से कांग्रेस संगठन को नई दिशा मिलेगी और आगामी राजनीतिक गतिविधियों में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

कांग्रेस नेतृत्व का यह कदम संगठन के विस्तार और जनसंपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।