कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयास से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटीनाटल केयर) जांच की गई, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सके। साथ ही बच्चों की वृद्धि निगरानी की गई और कुपोषण की स्थिति को पहचानने के प्रयास किए गए। इसके अलावा अनुपूरक पोषण पंजीकरण भी किया गया, जिससे जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को नियमित पोषण सहायता मिल सके।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा ग्रामीण महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों, संतुलित आहार और स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के सही पोषण, टीकाकरण और देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सेवाएं प्रदान करना ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी रहा।
संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत बोड़ला विकासखंड में विभिन्न विभागों द्वारा लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थानीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार के रूप में “रेडी टू ईट” सामग्री का वितरण किया गया, जिससे उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन तैयार कर परोसे गए, जिससे बच्चों में पोषण के प्रति रुचि बढ़े।
इस आयोजन ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नियमित कार्यक्रमों से न केवल कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आएगी, बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का यह आयोजन ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुआ और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।