ब्लूम एजुकेशनल एक्सपो 2025 में बोले मंत्री गजेन्द्र यादव — “विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि भविष्य की मिट्टी हैं, जहाँ संस्कार, ज्ञान और कौशल का संगम होता है”
रायपुर में आयोजित “ब्लूम एजुकेशनल एक्सपो 2025” में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का आधार है। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर के शिक्षाविदों, संस्थानों और छात्रों ने भाग लिया। नई शिक्षा नीति, डिजिटल लर्निंग और कौशल आधारित शिक्षा पर व्यापक चर्चा हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, रायपुर | मध्य भारत के सबसे बड़े शिक्षा आयोजन “ब्लूम एजुकेशनल एक्सपो 2025” का भव्य समापन होटल बैबिलॉन कैपिटल, रायपुर में हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, स्कूल प्रबंधकों, शिक्षा उद्यमियों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर शिक्षा के भविष्य पर विचार साझा किए। आयोजन का मुख्य विषय था — “शिक्षा का अगला कदम क्या है?”, जिसमें नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा, कौशल आधारित शिक्षण और नवाचार पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा, लघु एवं ग्रामोद्योग तथा विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव के करकमलों से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने उद्बोधन में मंत्री यादव ने कहा, “विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि भविष्य की मिट्टी हैं, जहाँ संस्कार, ज्ञान और कौशल का संगम होता है। शिक्षा का अर्थ केवल रोजगार पाना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सृजनशील जीवन जीना है।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में कई नवाचारों पर काम कर रही है — जैसे डिजिटल शिक्षण की पहल, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण और शिक्षकों की गुणवत्ता सुधार। उन्होंने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा, “अब शिक्षा नौकरी मांगने नहीं, बल्कि नौकरी देने की दिशा में बढ़ रही है।” मंत्री यादव ने उदाहरण देते हुए कहा, “आज कला और पेंटिंग जैसे क्षेत्र, जो कभी शौक माने जाते थे, अब लाखों की आय का साधन बन चुके हैं। यह बदलाव शिक्षा नीति से आए दृष्टिकोण परिवर्तन का परिणाम है।”
एक्सपो में विभिन्न सत्रों के माध्यम से “डिजिटल लर्निंग”, “नेक्स्ट-जनरेशन क्लासरूम”, “स्किल बेस्ड एजुकेशन” और “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एजुकेशन” जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में देशभर के 100 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के अग्रणी शिक्षण संस्थान भी शामिल थे।
स्टॉल प्रदर्शनी के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में नए नवाचारों और तकनीकी प्रयोगों को प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा उद्यमियों की सहभागिता ने इस आयोजन को एक जीवंत और उपयोगी संवाद मंच बना दिया।
इस आयोजन ने शिक्षा के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया — कि शिक्षा अब केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है