भाजपा के कांग्रेस कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, राजेश मूणत ने उठाए सवाल

रायपुर में भाजपा द्वारा कांग्रेस कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही।

Jul 23, 2026 - 12:29
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भाजपा के कांग्रेस कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, राजेश मूणत ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा कांग्रेस कार्यालय के घेराव के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।

भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर तक धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री एवं रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार को विपक्ष की आवाज सुननी चाहिए।

राजेश मूणत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि सरकार को विरोध कर रहे लोगों से संवाद स्थापित करना चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए।

भाजपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे अनावश्यक बताया और कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता और सरकार के सामने रखती रहेगी। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया।

रायपुर में हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। भाजपा ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, जबकि प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।