बिलासपुर में फार्मेसी की छात्रा ने की आत्महत्या, गर्ल्स हॉस्टल में मिली लाश से मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में डी. फार्मेसी की छात्रा यामिनी कोशले ने गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मस्तुरी थाना क्षेत्र के पेंड्री स्थित गुप्ता गर्ल्स हॉस्टल में हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां फार्मेसी की प्रथम वर्ष की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मस्तुरी थाना क्षेत्र के ग्राम पेंड्री की है। मृतका की पहचान लोहरसी सोन निवासी यामिनी कोशले के रूप में हुई है, जो पेंड्री स्थित सान्दीपनि कॉलेज में डी. फार्मेसी फर्स्ट ईयर की छात्रा थी।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा गुप्ता निजी गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। बुधवार की रात उसके कमरे का दरवाजा काफी देर तक बंद रहने पर अन्य छात्राओं ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर छात्रा का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। घटना की सूचना तुरंत हॉस्टल प्रबंधन द्वारा पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मस्तुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छात्रा के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वे लोहरसी गांव से बिलासपुर के लिए रवाना हो गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि यामिनी शांत स्वभाव की छात्रा थी और कुछ दिनों से वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सहपाठी छात्राएं इस हादसे से सदमे में हैं। कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन की जांच से आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के प्रति समाज और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेज और हॉस्टल प्रशासन को समय-समय पर छात्रों से संवाद और काउंसलिंग सत्र आयोजित करने चाहिए ताकि ऐसे हादसों को टाला जा सके।