कार्यक्रम में आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस अवसर पर भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2024-25 और 2025-26 में सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए राष्ट्रीय स्तर का एफिशिएंसी अवार्ड मिलने पर किसानों, कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों को बधाई दी गई।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 4 हजार 686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। इसके बाद कारखाने से जुड़े शेयरधारी किसानों की संख्या करीब 28 हजार हो गई है। इन सभी किसानों को 30 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना और किसानों का कारखाने से जुड़ाव इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
विजय शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष भोरमदेव शक्कर कारखाना में 2 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष गन्ना पेराई को बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में कारखाने के साथ अनुबंध करने और गन्ना उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि कारखाना निरंतर सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।
उप मुख्यमंत्री ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि लगातार दो वर्षों तक देश में सर्वाधिक रिकवरी हासिल करना केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ने और उनकी मेहनत का परिणाम है। कारखाना प्रबंधन की कार्यक्षमता और सहकारिता की भावना ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को त्योहारों के अवसर पर रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध होना खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि तीजा और गणेश चतुर्थी जैसे पर्वों के दौरान शक्कर की जरूरत बढ़ती है और ऐसे समय किसानों के घर तक रियायती दर पर शक्कर पहुंचना उपयोगी पहल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और विजय शर्मा के प्रयासों से किसानों के हित में यह व्यवस्था आगे बढ़ रही है। उन्होंने बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर की रिकवरी को किसानों की मेहनत का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में सियाराम साहू, कैलाश चंद्रवंशी, राम कुमार भट्ट, विजय पाटिल, विदेशीराम धुर्वे, संतोष पटेल, मनीराम साहू, भुनेश्वर चंद्राकर, रामकिंकर वर्मा, खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।