इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक का भिलाई इस्पात संयंत्र दौरा, उत्पादन लागत घटाने और लक्ष्य बढ़ाने पर जोर

इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक ने भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा कर उत्पादन, सुरक्षा और परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रबंधन को महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने और लागत में स्थायी कमी लाने के निर्देश दिए।

Apr 12, 2026 - 17:48
Apr 12, 2026 - 17:52
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इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक का भिलाई इस्पात संयंत्र दौरा, उत्पादन लागत घटाने और लक्ष्य बढ़ाने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर।  भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के सचिव आईएएस श्री संदीप पौंड्रिक ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) का विस्तृत निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण दौरे में उनके साथ स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) कृष्ण कुमार सिंह तथा इस्पात मंत्रालय के संयुक्त सचिव अभिजीत नरेंद्र भी मौजूद रहे। संयंत्र पहुंचने पर निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया, जहां सीआईएसएफ के जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

दौरे की शुरुआत ‘इस्पात भवन’ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक से हुई, जिसमें संयंत्र के शीर्ष प्रबंधन और कार्यपालक निदेशकों ने भाग लिया। इस बैठक में संयंत्र की वर्तमान स्थिति, उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और वित्तीय प्रदर्शन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार ने रावघाट परियोजना की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जबकि सुश्री शालिनी चौरसिया ने उत्पादन प्रदर्शन, तकनीकी-आर्थिक मानकों और वित्तीय स्थिति की जानकारी साझा की।

समीक्षा के दौरान इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने संयंत्र की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए प्रबंधन को भविष्य के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उत्पादन लागत में स्थायी कमी लाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भारतीय इस्पात उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। उन्होंने प्रबंधन को आधुनिक तकनीकों के उपयोग और कार्यप्रणाली में सुधार के माध्यम से लागत कम करने के उपायों पर जोर देने की सलाह दी।

इसके बाद पौंड्रिक ने संयंत्र के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य द्वार स्थित सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। इसके पश्चात उन्होंने कोक ओवन बैटरी नंबर 8 की प्रोजेक्ट साइट का निरीक्षण किया, जहां चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दौरे के दौरान संयंत्र के सभी विभागों के मुख्य महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने विभिन्न परियोजनाओं और संचालन संबंधी जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान संयंत्र की कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों और उत्पादन क्षमता को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

भ्रमण के समापन पर अतिथियों को पुनः गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, जिसके बाद वे रायपुर के लिए रवाना हुए। इस दौरे को भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे भविष्य की रणनीतियों और विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।

कुल मिलाकर, इस्पात सचिव का यह दौरा संयंत्र की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने, उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के इस्पात उद्योग को लाभ मिलने की उम्मीद है।