भाठागांव मामला: लगाए गए आरोप निराधार, वसूली के दबाव में रची गई साजिश – भारत भूषण सिंह ठाकुर
भाठागांव प्रकरण में भारत भूषण सिंह ठाकुर और कौशल सोनकर ने ब्रम्हा सोनकर के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे ब्लैकमेलिंग और वसूली के दबाव में रची गई साजिश बताया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र से जुड़े विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में भारत भूषण सिंह ठाकुर और कौशल सोनकर ने ब्रम्हा सोनकर द्वारा की गई प्रेस वार्ता को पूरी तरह भ्रामक, निराधार और व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित करार दिया है। दोनों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद जनहित का मुद्दा नहीं, बल्कि ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के दबाव का परिणाम है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ब्रम्हा सोनकर और उनके सहयोगी दीपक सिंह द्वारा लंबे समय से लोगों पर पैसों के लिए दबाव बनाया जाता रहा है। बयान के अनुसार, जो लोग इस तरह की मांगों को मानने से इंकार करते हैं, उनके खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जाती है। ठाकुर और सोनकर ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से समाज में भय का माहौल पैदा हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इस तरह के कृत्य पहले भी सामने आ चुके हैं। प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि ब्रम्हा सोनकर से जुड़े पुराने मामलों में भी विवाद सामने आए हैं। विशेष रूप से पुरानी बस्ती क्षेत्र में जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला सामने आया था, जिसमें उनके ही परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस मामले में पुलिस द्वारा पूछताछ भी की गई थी और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
भारत भूषण सिंह ठाकुर और कौशल सोनकर ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में वसूली और ब्लैकमेलिंग के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे न केवल पीड़ितों को न्याय मिलेगा, बल्कि समाज में इस तरह की प्रवृत्तियों पर भी रोक लगेगी।
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर वे कानूनी कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने भाठागांव क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और जांच के परिणामों पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आरोपों के पीछे सच्चाई क्या है।