भानुप्रतापपुर के गौरव पथ पर शराब दुकान का विरोध तेज, कांग्रेस ने जनआंदोलन की दी चेतावनी
भानुप्रतापपुर नगर के गौरव पथ पर प्रस्तावित प्रीमियम मदिरा दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने धार्मिक, शैक्षणिक और रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान खोलने का विरोध करते हुए प्रशासन को जनआंदोलन की चेतावनी दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. श्रीदाम ढाली भानुप्रतापपुर | नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत केवटी मार्ग स्थित गौरव पथ पर प्रीमियम मदिरा दुकान खोले जाने के निर्णय ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। कांग्रेस पार्टी ने इस निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए इसे नगर की सामाजिक मर्यादाओं, धार्मिक भावनाओं और जनसुरक्षा के विरुद्ध बताया है।
कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोलने की स्वीकृति दी गई है, वह अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। प्रस्तावित दुकान के ठीक सामने शिव मंदिर स्थित है, वहीं कुछ ही दूरी पर गुरुद्वारा साहिब भी मौजूद है। इसके अलावा दुकान के पीछे एक स्कूल संचालित है तथा आसपास घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र और गैस एजेंसी भी स्थित है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक ओर धर्म, संस्कार और संस्कृति की राजनीति करती है, जबकि दूसरी ओर धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा को नजरअंदाज कर शराब दुकान खोलने का निर्णय ले रही है। पार्टी का कहना है कि स्कूल के समीप शराब दुकान खुलने से बच्चों के मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मार्ग माइंस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां पहले से ही भारी वाहनों का दबाव बना रहता है। ऐसे में मुख्य सड़क पर शराब दुकान खुलने से शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की आशंका बढ़ जाएगी। साथ ही इससे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति भी प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, मदिरा दुकान को वर्तमान संवेदनशील स्थान से तत्काल स्थानांतरित किया जाए। दूसरी, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से दूरी संबंधी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। तीसरी, जनसुरक्षा और सामाजिक शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर की गरिमा, सामाजिक सौहार्द और बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए है। यदि प्रशासन ने समय रहते निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो कांग्रेस क्षेत्रीय जनता और विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी।