टेढ़ी में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच लाखों के पुल की खुली पोल, बारिश में बंद हो जाता है गौरमाटी-थानखम्हरिया मार्ग

बेमेतरा जिले की साजा विधानसभा के टेढ़ी क्षेत्र में पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी मापदंडों की अनदेखी के कारण बारिश में नहर का पानी सड़क के ऊपर से बहने लगता है और टेढ़ी-गौरमाटी-थानखम्हरिया मार्ग बंद हो जाता है। ग्रामीणों ने मार्ग को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।

Sep 8, 2026 - 14:58
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टेढ़ी में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच लाखों के पुल की खुली पोल, बारिश में बंद हो जाता है गौरमाटी-थानखम्हरिया मार्ग

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले की साजा विधानसभा क्षेत्र से पुल निर्माण और सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है। टेढ़ी से गौरमाटी होते हुए थानखम्हरिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर बना पुल बारिश के दिनों में ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है। नहर में पानी का जलस्तर बढ़ते ही पानी सड़क के ऊपर से बहने लगता है, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।

ग्रामीणों के मुताबिक टेढ़ी से गौरमाटी होते हुए थानखम्हरिया जाने वाला यह रास्ता आसपास के गांवों के लिए सबसे नजदीकी और प्रमुख मार्ग है। बारिश के मौसम में मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आवाजाही करने वाले लोगों के लिए भी यह समस्या परेशानी का कारण बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, टेढ़ी और गौरमाटी के बीच नहर पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मंडी बोर्ड के माध्यम से लाखों रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था। अब इसी पुल के निर्माण को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान तकनीकी मापदंडों का उचित तरीके से पालन नहीं किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले से बने रपटे के ऊपर ही स्लैब डालकर पुल का निर्माण कर दिया गया। उनका आरोप है कि इस वजह से नहर के पानी की पर्याप्त निकासी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान जब नहर में पानी बढ़ता है तो पानी पुल और सड़क के ऊपर से बहने लगता है। इसके चलते कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।

तेज बहाव के कारण सड़क के किनारे की मिट्टी भी बह गई है और मार्ग कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल बारिश के दिनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर साल जलस्तर बढ़ने के साथ उन्हें इसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। मार्ग बंद होने से गांवों के बीच संपर्क प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और पुल व सड़क की स्थिति की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि निर्माण में किसी तरह की तकनीकी खामी है तो उसे दूर करते हुए नए सिरे से आवश्यक निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारू हो सके और मार्ग पर आवागमन बाधित न हो।

ग्रामीण पारस पटेल सहित अन्य ग्रामीणों ने मार्ग की समस्या को जल्द दूर करने की मांग की है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक जांच और सुधार की दिशा में कदम उठाता है।