निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से कक्षा छठवीं के छात्र की मौत, शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर
बलरामपुर जिले के शारदापुर गांव स्थित माध्यमिक शाला खुटहन पारा में निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से कक्षा 6वीं के छात्र आलोक कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मध्यान्ह भोजन अवकाश के दौरान हुआ। घटना ने स्कूल सुरक्षा और शिक्षा विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर | रामानुजगंज जिले के शारदापुर गांव में स्थित माध्यमिक शाला खुटहन पारा में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। विद्यालय के ठीक समीप निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से कक्षा छठवीं में अध्ययनरत छात्र आलोक कुमार (पिता – रमेश देवांगन) की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब विद्यालय में मध्यान्ह भोजन का अवकाश चल रहा था। अवकाश के दौरान कुछ छात्र खेलते हुए स्कूल परिसर के पीछे स्थित निर्माणाधीन भवन के पास पहुंच गए। इसी दौरान अचानक निर्माणाधीन मकान का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा। छात्र आलोक कुमार उसके नीचे दब गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षिका पूजा गुप्ता ने बताया कि बच्चों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद सभी शिक्षक तत्काल मौके पर पहुंचे। वहां आलोक मलबे में दबा हुआ और खून से लथपथ पड़ा था। शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से उसे मलबे से बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद छात्र की सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। स्कूल के आसपास चल रहे निर्माण कार्य की न तो कोई घेराबंदी की गई थी और न ही बच्चों को उस क्षेत्र में जाने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम थे। इस घटना ने विद्यालय परिसर के आसपास निर्माण कार्यों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी मनी राम यादव ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह दुखद हादसा एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।