बालोद में सड़क हादसों का कहर: दो दिन में चार गौवंश की मौत, सड़क किनारे पड़े रहे शव

बालोद में दो दिनों के भीतर सड़क हादसों में चार गौवंश की मौत से लोगों में नाराजगी है। ताजा घटना गंजपारा क्षेत्र की है, जहां दो गौवंश अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने शवों को समय पर नहीं हटाए जाने और गौवंश की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

Jul 24, 2026 - 12:15
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बालोद में सड़क हादसों का कहर: दो दिन में चार गौवंश की मौत, सड़क किनारे पड़े रहे शव

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले में सड़क हादसों में गौवंश की लगातार हो रही मौतों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते दो दिनों में जिले के अलग-अलग स्थानों पर चार गौवंश की मौत होने की घटनाओं ने सड़क सुरक्षा, आवारा मवेशियों की व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला शहर के गंजपारा स्थित जैन ऑटो केयर के सामने वेयरहाउस के पास का है, जहां स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से दो गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद दोनों गौवंश के शव कई घंटों तक सड़क किनारे पड़े रहे। समय पर संबंधित विभाग की ओर से शव नहीं हटाए जाने के कारण आवारा कुत्ते उन्हें नोचते रहे। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों का कहना है कि मृत पशुओं को समय पर हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे लंबे समय तक शव पड़े रहने से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, बल्कि आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होने लगीं। लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं के बाद तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

गौरतलब है कि इससे पहले भी उमरादाह बस स्टैंड और धोठिया चौक के पास तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आने से दो अन्य गौवंश की मौत हो चुकी है। लगातार दो दिनों में चार गौवंश की मौत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले की प्रमुख सड़कों पर मवेशियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था का अभाव है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिले की कई मुख्य सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी खुलेआम घूमते रहते हैं। दूसरी ओर इन मार्गों पर भारी वाहनों और तेज रफ्तार ट्रकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो भविष्य में भी ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आती रहेंगी।

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, रात्रि के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त निगरानी की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही गौशालाओं की क्षमता बढ़ाकर बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

लोगों का कहना है कि दुर्घटनाओं के बाद मृत पशुओं को तत्काल हटाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए एक त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे सड़क दुर्घटनाओं के बाद यातायात प्रभावित नहीं होगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बालोद जिले में गौवंश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी और स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो सड़क हादसों में गौवंश की मौत का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। जिले के नागरिकों ने प्रशासन से इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग की है।