दल्ली चौक में बुजुर्ग को पड़ा मिर्गी का दौरा, विधिक सेवा प्राधिकरण की तत्परता से बची जान

बालोद के दल्ली चौक में एक बुजुर्ग को मिर्गी का दौरा पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने तत्काल मदद कर अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से बड़ी अनहोनी टल गई।

Apr 7, 2026 - 16:05
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दल्ली चौक में बुजुर्ग को पड़ा मिर्गी का दौरा, विधिक सेवा प्राधिकरण की तत्परता से बची जान

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील कुमार साहू, बालोद। बालोद जिले के दल्ली चौक क्षेत्र में 6 अप्रैल 2026 को एक संवेदनशील और मानवीय घटना सामने आई, जहां समय पर मिली मदद से एक बुजुर्ग की जान बच गई। ग्राम करहीभदर निवासी 68 वर्षीय केवल दास मानिकपुरी को अचानक मिर्गी (एपिलेप्सी) का दौरा पड़ा, जिससे वे सड़क पर गिरकर बेहोश हो गए।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, लेकिन सौभाग्य से मौके पर ही विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम भी मौजूद थी। टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल राहत कार्य शुरू किया और बुजुर्ग को प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान की।

विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था की और केवल दास मानिकपुरी को जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया और उनकी स्थिति को स्थिर किया। चिकित्सकों के अनुसार, मिर्गी के दौरे के कारण वे कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे, लेकिन समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में आ गई।

यह पूरी घटना राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की “असंगठित एवं कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं आपात सहायता” योजना के अंतर्गत एक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों को न केवल कानूनी सहायता, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहयोग भी प्रदान करना है।

विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि संस्था का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति संकट की घड़ी में अकेला न रहे। बुजुर्गों, गरीबों और असहाय लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

अस्पताल में उपचार के दौरान भी प्राधिकरण के प्रतिनिधि लगातार मरीज की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सहयोग देने की बात कही गई है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि यदि समय पर सहायता मिल जाए, तो बड़ी से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने इस त्वरित और संवेदनशील पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे समय में जब हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, विधिक सेवा प्राधिकरण की सक्रियता ने एक जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाई है।

यह घटना समाज में मानवीय संवेदनाओं और संस्थागत जिम्मेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती है। साथ ही यह संदेश भी देती है कि आपात स्थिति में सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।

कुल मिलाकर, दल्ली चौक की यह घटना न केवल एक राहत भरी खबर है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थाएं यदि सक्रिय और संवेदनशील रहें, तो आम नागरिकों को सुरक्षा और भरोसा दोनों मिल सकता है।