बाल विवाह मुक्त पंचायत की दिशा में बड़ा अभियान, स्कूल–कॉलेजों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम
कबीरधाम जिले में मिशन वात्सल्य के तहत स्कूल-कॉलेजों और पंचायतों में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों और ग्रामीणों को ऑनलाइन शपथ दिलाकर बाल विवाह मुक्त पंचायत का संकल्प कराया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम एवं जिले को “बाल विवाह मुक्त” बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने ग्रेसियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं फार्मेसी, रामकृष्ण पब्लिक स्कूल, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल बिरकोना, डीएवी एमपीएस स्कूल धर्मपुरा, अशोका पब्लिक स्कूल, डिवाइन पब्लिक स्कूल पंडातराई तथा सरदार पब्लिक स्कूल कुंडा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई तथा इसके कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया।
जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करना है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों को ऑनलाइन लिंक और क्यूआर कोड के माध्यम से “बाल विवाह मुक्त पंचायत” की शपथ दिलाई गई। शपथ लेने वाले प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। इस पहल में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्तमान कानून के अनुसार विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने पर 2 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि शासन द्वारा 17 जनवरी 2025 से ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा विवाह पंजीयन रजिस्टर का संधारण अनिवार्य किया गया है।
जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले, तो तत्काल पंचायत सचिव, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 181 पर जानकारी दें। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, शिक्षकगण, परामर्शदाता, आउटरीच वर्कर एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह अभियान जिले में बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रहा है।