अतुल पर्वत ने राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य मुलाकात, भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों की समस्याओं पर हुई चर्चा
प्रदेश भाजपा नेता एवं भिलाई कैन डू पर्वत फाउंडेशन के अध्यक्ष अतुल पर्वत ने रायपुर स्थित लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारियों की रिटेंशन समस्या को लेकर विस्तार से चर्चा हुई, जिस पर राज्यपाल ने आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA.भुवाल रोहिताश,दुर्ग । रायपुर स्थित लोकभवन में आज भिलाई कैन डू पर्वत फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रदेश भाजपा नेता अतुल पर्वत ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर अतुल पर्वत ने राज्यपाल को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस सौजन्य भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर भिलाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से संबंधित कर्मचारियों की रिटेंशन समस्या को अतुल पर्वत ने गंभीरता से राज्यपाल के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे 1500 से अधिक परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों एवं उनके परिवारों में इस विषय को लेकर असमंजस और चिंता का माहौल है।
अतुल पर्वत ने राज्यपाल को अवगत कराया कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों में से एक है और यहां कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रिटेंशन से जुड़ी यह समस्या केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक स्तर पर पड़ रहा है।
इस विषय को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले में उद्योग मंत्री, इस्पात मंत्री एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक से चर्चा कर आवश्यक पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कर्मचारियों के हित में उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मुलाकात को सकारात्मक और सार्थक बताते हुए अतुल पर्वत ने विश्वास जताया कि राज्यपाल के हस्तक्षेप से भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों को शीघ्र राहत मिलेगी। उन्होंने राज्यपाल का समय देने और विषय को गंभीरता से सुनने के लिए आभार व्यक्त किया।
यह सौजन्य मुलाकात न केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही, बल्कि भिलाई क्षेत्र के हजारों कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को उच्च स्तर तक पहुंचाने का एक प्रभावी प्रयास भी साबित हुई।