श्री अन्न और लघु वनोपज उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, निर्यात के अवसरों पर प्रशिक्षण
कवर्धा में एपेडा क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा वनांचल के लघु वनोपज संग्राहकों, सहकारी समितियों और संबंधित हितग्राहियों के लिए निर्यात जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जैविक श्री अन्न, मूल्य संवर्धित उत्पादों और लघु वनोपज को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, लेबलिंग, निर्यात दस्तावेज और Farmer Connect Portal की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l वनांचल क्षेत्रों में उत्पादित जैविक श्री अन्न, मूल्य संवर्धित उत्पादों एवं लघु वनोपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में जिला यूनियन कवर्धा के अंतर्गत एपेडा क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा निर्यात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 10 अगस्त को वन मंडल कार्यालय कवर्धा में आयोजित हुआ, जिसमें लघु वनोपज संग्राहकों, प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों एवं संबंधित हितग्राहियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में निखिल अग्रवाल, प्रबंध संचालक जिला यूनियन कवर्धा, अशोक कुमार बोरा, ट्रेड एसोसिएट, प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक तथा वनांचल क्षेत्रों से आए लघु वनोपज संग्राहक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान एपेडा क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से उपस्थित अशोक कुमार बोरा ने जैविक उत्पादन, लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जुड़े हितग्राहियों, एफपीओ और सहकारी समितियों को निर्यात की संभावनाओं एवं प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण में निर्यात के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानकों, उत्पादों की पैकेजिंग एवं लेबलिंग, आवश्यक अनुपालन, निर्यात प्रलेखन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को निर्यात प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से अवगत कराने के साथ एपेडा की योजनाओं और Farmer Connect Portal के उपयोग की जानकारी भी दी गई। पोर्टल के माध्यम से उत्पादकों और संभावित निर्यातकों के बीच संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया को भी समझाया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य वनांचल में उपलब्ध लघु वनोपज, जैविक श्री अन्न एवं अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और इनके निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को गुणवत्ता एवं प्रसंस्करण के जरिए अधिक मूल्य दिलाने तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर लघु वनोपज संग्राहकों और सहकारी समितियों के प्रबंधकों ने निर्यात प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक बाजार की संभावनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण से स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, बाजार विस्तार और लघु वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने की दिशा में नई संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है।