अंकिता भंडारी हत्याकांड: सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने उठाए सवाल, सरकार से की सीबीआई जांच की मांग
देहरादून में महिला यौन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग की और धामी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।
UNITED NEWS OF ASIA. देहरादून, उत्तराखंड। अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर से सुर्खियों में है। इस मामले को लेकर लगातार सीबीआई जांच की मांग उठ रही है। इसी बीच महिला यौन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाली समाजसेवी योगिता भयाना देहरादून पहुंची और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धामी सरकार पर करारा हमला बोला।
योगिता ने कहा कि इस मामले में सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल स्थानीय पुलिस जांच से न्याय की उम्मीद अधूरी रह जाएगी। भयाना ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह के अपराध रोकने का संदेश जा सके।
उल्लेखनीय है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई थीं। वह ऋषिकेश के नजदीक वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। पांच दिन बाद, 24 सितंबर को चिल्ला नहर से उनका शव बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था।
इस घटना के बाद समाज में महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई थी। हाल ही में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर ने मामले से जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारी साझा की, जिससे राजनीतिक हलचल भी बढ़ी। लेकिन उर्मिला के खुलासों के बाद उनका पता नहीं चल पा रहा है। इसे लेकर योगिता भयाना ने चिंता जताई और कहा कि इस तरह के मामलों में सामाजिक और राजनीतिक दबाव के बिना भी निष्पक्ष जांच होना चाहिए।
योगिता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सीबीआई जांच से जनता का विश्वास बढ़ता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि महिला सुरक्षा के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए जिम्मेदार कार्रवाई करें। उनका कहना था कि केवल सार्वजनिक दबाव से ही न्याय नहीं मिल सकता, बल्कि कठोर कानून और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड अब केवल एक अपराध का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह महिला सुरक्षा और न्यायिक प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला मुद्दा बन गया है। योगिता भयाना के आह्वान से यह स्पष्ट है कि समाज और एक्टिविस्ट इस मामले में न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।
निष्कर्ष: अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठना यह दर्शाता है कि राज्य में न्याय की मांग मजबूत है। इस मामले में निष्पक्ष और प्रभावी जांच न केवल दोषियों को सजा दिलाएगी, बल्कि महिलाओं के प्रति समाज में सुरक्षा और विश्वास भी बढ़ाएगी।
अगर चाहो तो मैं इसे “लाइव अपडेट स्टाइल” में भी बदल सकता हूँ, जिसमें योगिता भ