Alexa+ आज से भारत में सभी यूजर्स के लिए फ्री अर्ली एक्सेस के तौर पर उपलब्ध है। इसकी सबसे खास खूबियों में हिंदी और हिंग्लिश का सपोर्ट शामिल है। लॉन्च के समय ही यूजर्स Alexa+ से हिंदी या हिंग्लिश में बातचीत कर सकेंगे और उन्हें उसी भाषा में जवाब भी मिल सकता है। Amazon ने आगे अन्य भारतीय भाषाओं को जोड़ने की दिशा में भी काम करने की बात कही है, जिससे आने वाले समय में इसका भाषा सपोर्ट और बढ़ सकता है।
Alexa+ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बातचीत के दौरान संदर्भ को समझ सके। यूजर द्वारा पहले बताई गई जरूरी जानकारी और पसंद को यह याद रख सकता है और आगे की बातचीत में उसका इस्तेमाल कर सकता है। इसका मतलब यह है कि यूजर को हर बार अपनी जरूरत या सवाल का पूरा संदर्भ दोहराने की आवश्यकता कम हो सकती है। कंपनी के अनुसार, इससे Alexa के साथ बातचीत पहले की तुलना में अधिक सहज और प्राकृतिक हो सकती है।
नए AI असिस्टेंट की मदद से यूजर सामान्य सवालों के जवाब हासिल करने के साथ-साथ कुछ अन्य काम भी कर सकेंगे। Alexa+ सपोर्टेड स्मार्ट होम डिवाइसेज को कंट्रोल कर सकता है। इसके अलावा, उपलब्ध और सपोर्टेड सर्विसेज के साथ इंटीग्रेशन के जरिए यह अलग-अलग कार्यों में भी सहायता कर सकता है। Amazon का कहना है कि Alexa+ को जटिल रिक्वेस्ट को समझने और बातचीत को आसान बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
भारत में Alexa+ के साथ Amazon ने अपने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon Now का खास इंटीग्रेशन भी किया है। कंपनी के मुताबिक, भारत पहला बाजार है जहां Alexa+ और Amazon Now को इस तरह जोड़ा गया है। यूजर बातचीत के दौरान अपनी जरूरत की चीजों का जिक्र कर सकते हैं और Alexa+ उन्हें Amazon Now के कार्ट में जोड़ सकता है। हालांकि, असिस्टेंट खुद से ऑर्डर प्लेस नहीं करेगा। ऑर्डर पूरा करने से पहले यूजर को वॉयस के जरिए पुष्टि करनी होगी।
Alexa+ फिलहाल अर्ली एक्सेस में सभी यूजर्स के लिए फ्री उपलब्ध है। Amazon के अनुसार, अर्ली एक्सेस खत्म होने के बाद भी Prime मेंबर्स को Alexa+ इस्तेमाल करने के लिए अलग से शुल्क नहीं देना होगा। इसके साथ ही Amazon के नए जेनरेशन के Fire और Echo डिवाइसेज में भी Alexa+ का सपोर्ट दिया जा रहा है। इससे इन डिवाइसेज के जरिए यूजर्स नए AI असिस्टेंट की सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। कुल मिलाकर, Alexa+ के जरिए Amazon ने भारत में अपने वॉयस असिस्टेंट को AI आधारित ज्यादा संवादात्मक और संदर्भ समझने वाली क्षमताओं के साथ आगे बढ़ाया है।