आकृति फाउंडेशन ने जरूरतमंद बच्चों को बांटे जूते–मोजे, खिल उठे नौनिहाल

दुर्ग जिले के सिकोला भाठा पटरीपार स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में आकृति फाउंडेशन द्वारा जरूरतमंद स्कूली बच्चों को जूते एवं मोजे वितरित किए गए। इस सेवा कार्य से लगभग 55 बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास देखने को मिला।

Jan 20, 2026 - 11:57
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आकृति फाउंडेशन ने जरूरतमंद बच्चों को बांटे जूते–मोजे, खिल उठे नौनिहाल

UNITED NEWS OF ASIA. भुवाल रोहिताश, दुर्ग | छत्तीसगढ़ आकृति फाउंडेशन द्वारा समाज सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए जरूरतमंद स्कूली बच्चों को जूते एवं मोजे वितरित किए गए। यह सेवा कार्यक्रम दुर्ग जिले के सिकोला भाठा पटरीपार क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लगभग 55 विद्यार्थियों को जूते–मोजे प्रदान किए गए।

कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्य एलिजाबेथ राय एवं प्रधानपाठक  लता देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। जूते और मोजे प्राप्त कर बच्चों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलकता नजर आया। बच्चों ने इस सहयोग के लिए आकृति फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान आकृति फाउंडेशन के प्रमुख संरक्षक एवं समाजसेवी कैलाश बरमेचा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि आकृति फाउंडेशन हमेशा जरूरतमंद बच्चों के साथ खड़ा रहेगा और आगे भी इस तरह के सेवा कार्य निरंतर करता रहेगा, ताकि कोई भी बच्चा अभाव के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे।

इस अवसर पर फाउंडेशन से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रेरक वक्ता, मार्गदर्शक डॉ. विजय गुप्ता ने कहा कि आकृति फाउंडेशन द्वारा किया गया यह प्रयास निश्चित रूप से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया है, जो साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी फाउंडेशन इसी प्रकार मानवीय, सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य करता रहे, यही शुभकामना है।

कार्यक्रम में रोहितास सिंह भुवाल, दीपमाला सिन्हा सहित आकृति फाउंडेशन के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए सहारा बना, बल्कि समाज के लिए भी एक मजबूत संदेश छोड़ गया कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़ी खुशियां लाई जा सकती हैं। आकृति फाउंडेशन की यह पहल मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई।