देवझर स्कूल शराब सेवन मामले में बड़ी कार्रवाई, दो शिक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड स्थित देवझर (अमली) स्कूल में कथित शराब सेवन मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर के आदेश पर दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी रहेगी।

Aug 3, 2026 - 16:26
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देवझर स्कूल शराब सेवन मामले में बड़ी कार्रवाई, दो शिक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

UNITED NEWS OF ASIA. गरियाबंद। मैनपुर विकासखंड के देवझर (अमली) स्कूल में कथित शराब सेवन के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा जारी किया गया है। विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए यह कदम उठाया है।

जानकारी के अनुसार, देवझर (अमली) स्कूल में पदस्थ दो शिक्षकों पर ड्यूटी के दौरान कथित रूप से शराब सेवन करने का आरोप सामने आया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक स्तर पर दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर पूरे मामले की समीक्षा की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर ने दोनों शिक्षकों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षकों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मैनपुर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक स्तर की है और मामले की विभागीय जांच अभी जारी रहेगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों तथा विभागीय प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा अनुशासन और कार्यस्थल पर आचरण संबंधी नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या सेवा नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा बनी हुई है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।

फिलहाल दोनों शिक्षक निलंबित हैं और विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने तथा सक्षम प्राधिकारी के अंतिम निर्णय के बाद ही मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।