ज्ञापन में गन्ने की फसल को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने और गन्ना उत्पादक किसानों को योजना का लाभ देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही गन्ने का बोनस 100 रुपये प्रति क्विंटल करने और गन्ने का उचित मूल्य कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की गई। संगठन ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP का किसानों को पूरा लाभ दिलाने की भी मांग की।
किसान संघ ने बिजली बिल में हो रही कथित मनमानी वसूली पर नियंत्रण लगाने की मांग प्रशासन से की। इसके अलावा दमापुर-कुंडा-महली-नानापुरी-पंडम मार्ग का तत्काल निर्माण और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन ने शासकीय गोचर भूमि का डिजिटल सर्वे कराने की मांग करते हुए किसानों से जुड़े राजस्व दस्तावेजों के कार्य को भी सरल और नि:शुल्क करने की मांग रखी।
किसान संघ के अनुसार ऋण पुस्तिका, बी-1, नक्शा, खसरा, पर्ची, बटांकन और फावती जैसे कार्य किसानों को पटवारी के माध्यम से नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाने चाहिए। संगठन का कहना है कि किसान लंबे समय से इन समस्याओं को शासन और प्रशासन के समक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन कई मामलों में अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए संबंधित विभागों को इन मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पंडरिया ब्लॉक अध्यक्ष रंजीत साहू, कुंडा तहसील अध्यक्ष सुभाष चंद्राकर, मंत्री टेक सिंह खांडे, सोनू चंद्राकर, रामू साहू, तोरत साहू, विश्राम सिंह, बाबूराम, राजकुमार चंद्राकर, शिवकुमार, दीनू पांडे, सहदेव चंद्राकर और नीतीश चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में किसान संघ के कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे।
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन में शामिल सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर जल्द निराकरण सुनिश्चित किया जाए। किसान संघ ने कहा कि किसानों के हित से जुड़े इन विषयों को लेकर संगठन आगे भी अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा।