निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली सेक्टर-5 स्थित धन सिंह जी की प्रतिमा से शुरू होकर बालको परसाभाटा गेट तक जाएगी। रैली के बाद बालको प्रबंधन को स्थानीय लोगों की मांगों से संबंधित मांगपत्र सौंपा जाएगा। बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए और स्थानीय लोगों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान किया जाना चाहिए।
बैठक में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही महिलाओं के लिए विशेष रोजगार अवसर उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के मौके सुनिश्चित करने और बाहरी भर्ती पर रोक लगाने की मांग भी सामने आई। प्रतिभागियों ने क्षेत्र में बिजली और पानी की बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके अलावा सीएसआर के तहत महिलाओं के लिए प्रभावी योजनाएं संचालित करने और क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग रखी गई। बैठक में उपस्थित लोगों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान होने से क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
बैठक में प्रतिभागियों ने बालको प्रबंधन से मांगों पर गंभीरता से विचार करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की। साथ ही कहा गया कि यदि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता नहीं दी गई और मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिभागियों ने आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी।
बैठक में विभिन्न वार्डों से महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। जन अधिकार समिति के संस्थापक विकास डालमिया, अध्यक्ष सुनील सुना, कोरबा पर्यावरण विकास समिति के सचिव अजय कुमार, पूर्व बसपा जिला प्रभारी बसंत दिक्सेना, पूर्व पार्षद बांदेकर, हम होंगे कामयाब महिला शक्ति से कलंद्रि परिहार और ह़ीरा मैत्री, शुभा, कोरबा चेतना विकास समिति की अध्यक्ष विमला बंदे सहित कई नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से 3 सितंबर को प्रस्तावित रोजगार अधिकार रैली को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों को एकजुट करने और अपनी मांगों को बालको प्रबंधन तक पहुंचाने की तैयारी की गई। प्रतिभागियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगें रोजगार, महिलाओं के लिए अवसर, जनसुविधाओं और क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी हैं। अब 3 सितंबर को होने वाली रैली के जरिए इन मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।