राज्यसभा में देवेन्द्र प्रताप सिंह ने उठाए छत्तीसगढ़ के किसानों के मुद्दे, कृषि योजनाओं से मिली हजारों करोड़ की सहायता

राज्यसभा में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रही केंद्रीय कृषि योजनाओं की वित्तीय सहायता, फसल बीमा और लंबित दावों का मुद्दा उठाया। मंत्रालय के अनुसार PM-KISAN के तहत पिछले तीन वर्षों में 4,926.27 करोड़ रुपये तथा PMFBY/RWBCIS के तहत 7,883.42 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किसानों को किया गया है।

Aug 9, 2026 - 10:46
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राज्यसभा में देवेन्द्र प्रताप सिंह ने उठाए छत्तीसगढ़ के किसानों के मुद्दे, कृषि योजनाओं से मिली हजारों करोड़ की सहायता

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने छत्तीसगढ़ के किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। मौखिक प्रश्नकाल में उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों को मिल रही वित्तीय सहायता, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजनाओं और बीमा दावों के निपटारे से संबंधित जानकारी मांगी।

सांसद द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता का विवरण सदन में रखा।

PM-KISAN के तहत 4,926.27 करोड़ रुपये की सहायता

मंत्रालय के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 4,926.27 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। हाल ही में जारी 23वीं किस्त में राज्य के 24 लाख 52 हजार 9 लाभार्थी किसानों को 491.10 करोड़ रुपये की सहायता मिली। योजना के तहत पात्र किसानों को राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है।

फसल बीमा के तहत 7,883.42 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान

सांसद ने प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित किसानों के फसल बीमा दावों के समयबद्ध निपटारे का मुद्दा भी उठाया। मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में खरीफ वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू है।

अब तक इन योजनाओं के तहत 517.97 लाख किसान आवेदन दर्ज किए गए हैं। इनमें से 117 लाख किसानों को 7,883.42 करोड़ रुपये के बीमा दावों का भुगतान किया जा चुका है।

मंत्रालय के अनुसार आवश्यक उपज संबंधी आंकड़े प्राप्त होने के बाद अधिकांश दावों का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत 21 दिनों के भीतर किया जाता है। हालांकि राज्य सरकार की राशि में देरी, बैंक स्तर पर त्रुटियां, अपुष्ट खाते और अन्य विवादों के कारण कुछ दावे लंबित हो सकते हैं।

कृषि योजनाओं से मिल रही व्यापक सहायता

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन वर्षों के दौरान विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई है। इनमें PM-KISAN के अलावा PMFBY एवं RWBCIS, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना और प्राकृतिक कृषि पर राष्ट्रीय मिशन जैसी योजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आय सहायता, फसल बीमा, कृषि अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि मशीनीकरण, सिंचाई, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, विपणन और डिजिटल कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं एवं मौसम की अनिश्चितताओं से सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना उनकी प्राथमिकता है और वे किसानों से जुड़े मुद्दों को सदन में आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।