गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ शिक्षक कलेश्वर साहू का नाम, 2.70 लाख सीड बॉल बनाकर रचा इतिहास

बिलासपुर जिले के जनपद प्राथमिक शाला बिल्हा में पदस्थ शिक्षक कलेश्वर साहू ने तीन माह में 2.70 लाख सीड बॉल तैयार कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिक्षक को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

Sep 24, 2026 - 12:45
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गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ शिक्षक कलेश्वर साहू का नाम, 2.70 लाख सीड बॉल बनाकर रचा इतिहास

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर l जिले के जनपद प्राथमिक शाला बिल्हा में पदस्थ शिक्षक कलेश्वर साहू ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने तीन माह में 2.70 लाख सीड बॉल तैयार कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के रूप में आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद शिक्षक को सम्मानित किया गया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के समक्ष गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा ने कलेश्वर साहू को आधिकारिक प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान किया। इस अवसर पर शिक्षक की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

शिक्षक कलेश्वर साहू ने यह कार्य अपने अध्यापन दायित्वों के साथ अतिरिक्त समय निकालकर पूरा किया। उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश और स्कूल समय के बाद व्यक्तिगत प्रयासों से तीन माह में 2.70 लाख सीड बॉल तैयार किए। उनका उद्देश्य बीजों को सुरक्षित कर उन्हें सीड बॉल के रूप में तैयार करना और पौधरोपण को बढ़ावा देना रहा।

कलेश्वर साहू ने इस कार्य के लिए किसी व्यावसायिक स्वार्थ के बिना व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास किया। अध्यापन कार्य के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी यह पहल सामाजिक दायित्व और प्रकृति के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत करती है। लाखों बीजों को सीड बॉल के रूप में तैयार करने का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिक्षक कलेश्वर साहू की उपलब्धि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कलेश्वर साहू का यह कार्य बिलासपुर जिले के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। सरकारी सेवा के साथ पर्यावरण के क्षेत्र में इस तरह का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने शिक्षक के प्रयासों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने वाला बताया। साथ ही कहा कि ऐसे प्रयास समाज के अन्य लोगों को भी पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में कलेश्वर साहू का नाम दर्ज होना उनके लगातार किए गए प्रयासों की औपचारिक मान्यता है। 2.70 लाख सीड बॉल तैयार करने की इस उपलब्धि ने बिलासपुर जिले को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक उल्लेखनीय पहचान दिलाई है। शिक्षक की यह पहल अध्यापन के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन का उदाहरण बनकर सामने आई है।