विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट पर कांग्रेस का सवाल, सुरेंद्र वर्मा ने केंद्र सरकार की नीति पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने विदेशी क्लाउड कंपनियों को कर छूट दिए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियों को प्राथमिकता देकर घरेलू उद्योगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो "आत्मनिर्भर भारत" और "मेक इन इंडिया" के दावों के विपरीत है।

Jun 27, 2026 - 13:26
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विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट पर कांग्रेस का सवाल, सुरेंद्र वर्मा ने केंद्र सरकार की नीति पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस ने विदेशी क्लाउड कंपनियों को कर छूट दिए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेशी कंपनियों को कर रियायतें देकर घरेलू उद्योगों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह नीति "आत्मनिर्भर भारत" और "मेक इन इंडिया" जैसे अभियानों के मूल उद्देश्य के विपरीत है।

सुरेंद्र वर्मा ने जारी बयान में कहा कि यदि विदेशी कंपनियों को वर्ष 2047 तक आयकर में विशेष छूट दी जाती है, जबकि स्वदेशी कंपनियों को ऐसी कोई अतिरिक्त राहत नहीं मिलती, तो यह समान अवसर और समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे देश की घरेलू कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए भारत में स्थायी कार्यालय स्थापित करने की बाध्यता नहीं रखी गई है। उनके अनुसार इससे श्रम कानूनों के प्रभावी पालन और दीर्घकालिक रोजगार सृजन की संभावनाएं भी सीमित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां स्थानीय उद्योगों की तुलना में विदेशी कंपनियों को अधिक लाभ पहुंचाने वाली दिखाई देती हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग अभी भी आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों लोग खाद्यान्न, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में विदेशी डेटा सेंटर और क्लाउड कंपनियों को कर छूट, संसाधन और अन्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत दुनिया के बड़े डेटा उत्पादक देशों में शामिल है, लेकिन डेटा सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्र में पर्याप्त नीतिगत मजबूती के अभाव में विदेशी कंपनियां अधिक लाभ कमा रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को देश की तकनीकी कंपनियों और स्थानीय उद्योगों को प्राथमिकता देकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में आयकर और अन्य कर संबंधी प्रावधान प्रत्येक वर्ष केंद्रीय बजट के माध्यम से तय किए जाते हैं। ऐसे में विदेशी कंपनियों को लंबे समय तक विशेष कर छूट दिए जाने के निर्णय के आधार को सरकार सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों और कुछ विशेष क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों को अतिरिक्त रियायतें देकर स्थानीय उद्योगों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि आर्थिक नीतियों का उद्देश्य देश के उद्योगों, उद्यमियों और रोजगार के अवसरों को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से कर नीति की समीक्षा कर स्वदेशी कंपनियों को समान अवसर और आवश्यक प्रोत्साहन देने की मांग की, ताकि "आत्मनिर्भर भारत" और "मेक इन इंडिया" जैसे अभियानों के उद्देश्य वास्तव में पूरे हो सकें।