अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में उमड़ा कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का सैलाब, 2 हजार से अधिक ने ग्रहण की प्रसादी

सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम के शिवधामों की पदयात्रा पर निकले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन, ठहरने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। 17 अगस्त को 2 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की, जबकि अब तक 41 हजार से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।

Aug 18, 2026 - 12:09
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अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में उमड़ा कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का सैलाब, 2 हजार से अधिक ने ग्रहण की प्रसादी

UNITED NEWS OF ASIA. पवित्र सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के जलेश्वर दादा डोंगरिया, बाबा भोरमदेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक के लिए पदयात्रा पर निकले हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सेवा में अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल पर आश्रम में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, ठहरने, स्वल्पाहार और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

17 अगस्त को ही 2 हजार से अधिक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने आश्रम में निःशुल्क भोजन एवं प्रसादी ग्रहण की। अब तक 41 हजार से अधिक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन और प्रसादी उपलब्ध कराई जा चुकी है। आश्रम में भंडारे और नाश्ते की व्यवस्था लगातार जारी है, ताकि दूर-दराज से आने वाले पदयात्रियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

पदयात्रियों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था

मृत्युंजय आश्रम में सुबह कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए चाय-बिस्किट की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा पदयात्रियों को प्रस्थान के दौरान सेव, बूंदी सहित अन्य हल्का नाश्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य जंगल और कठिन रास्तों से गुजरने वाले कांवड़ियों को यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना है।

आश्रम में श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए भी व्यवस्था की गई है। साथ ही जरूरत पड़ने पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का इंतजाम किया गया है। सेवा कार्य में जुटी टीम लगातार कांवड़ियों की जरूरतों का ध्यान रख रही है।

भक्ति और सेवा से शिवमय हुआ वातावरण

अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर निकली कांवड़ यात्रा आस्था के साथ सेवा और समर्पण का संदेश भी दे रही है। मृत्युंजय आश्रम में दिन-रात भक्ति गीत, बोल बम के जयघोष और डमरू की थाप से वातावरण शिवमय बना हुआ है।

कंधों पर सजी कांवड़ लेकर पदयात्रा कर रहे श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का भाव दिखाई दे रहा है। सावन माह में बड़ी संख्या में शिवभक्त इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं।

रास्ते में भी मिल रही सुविधाएं

कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जलेश्वर दादा डोंगरिया, बाबा भोरमदेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव जैसे प्रमुख शिवधामों तक जाने वाले मार्गों में ग्राम पंचायतों द्वारा भी पेयजल, विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जा रही है।

इन व्यवस्थाओं से पदयात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान राहत मिल रही है। विशेष रूप से बारिश और जंगल वाले रास्तों से गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी सुविधाएं उपयोगी साबित हो रही हैं।

सेवा में जुटी टीम

मृत्युंजय आश्रम में भंडारे और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर उनकी टीम द्वारा संभाली जा रही है। टीम के सदस्य दिन-रात कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं।

श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं पर प्रसन्नता जताते हुए विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि भोजन, विश्राम और चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिलने से वे बिना परेशानी अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर पा रहे हैं।

मृत्युंजय आश्रम में चल रही यह सेवा व्यवस्था सावन माह की कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ सेवा, सहयोग और जनभागीदारी का उदाहरण बन रही है।