पिथौरा में सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 51 फीट विशाल कांवर यात्रा ने किया नगर को शिवमय

महासमुंद जिले के पिथौरा में सावन के अंतिम सोमवार पर भव्य धार्मिक आयोजन हुए। श्री थानेश्वर मंदिर सेवा समिति ने परसापाली जलाशय से 51 फीट विशाल कांवर यात्रा निकाली, जबकि सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने शिव-पार्वती की जीवंत झांकी के साथ कांवर यात्रा निकाली। दोनों यात्राओं के थानेश्वर मंदिर पहुंचने पर 11 कलशों के पवित्र जल से भगवान थानेश्वर महादेव का विशेष महाभिषेक किया गया।

Aug 24, 2026 - 21:04
Aug 24, 2026 - 21:12
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पिथौरा में सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 51 फीट विशाल कांवर यात्रा ने किया नगर को शिवमय

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l सावन के अंतिम सोमवार पर महासमुंद जिले का पिथौरा नगर पूरी तरह शिवमय नजर आया। भगवान शिव की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने दो अलग-अलग भव्य कांवर यात्राएं निकालीं। इस दौरान नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखने को मिली।

श्री थानेश्वर मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में 51 फीट विशाल कांवर यात्रा निकाली गई। यात्रा की शुरुआत परसापाली जलाशय से जल भरने के साथ हुई। कांवरियों ने बोल बम और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों के साथ नगर की ओर प्रस्थान किया। विशाल कांवर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

वहीं दूसरी ओर सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा स्कूली बच्चों की कांवर यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बच्चों ने भगवान शिव और माता पार्वती की जीवंत झांकी प्रस्तुत की, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। धार्मिक वातावरण के बीच निकली दोनों यात्राओं का नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत किया।

कांवर यात्रा के दौरान नगर के सामाजिक लोगों की ओर से कांवरियों के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान और फलों की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन का भी विशेष सहयोग रहा।

दोनों कांवर यात्राएं नगर भ्रमण करते हुए श्री थानेश्वर मंदिर पहुंचीं। मंदिर परिसर में पहुंचते ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

इसके बाद 11 कलशों में लाए गए पवित्र जल से भगवान थानेश्वर महादेव का विशेष महाभिषेक किया गया। विधि-विधान और धार्मिक आस्था के साथ हुए इस महाभिषेक के बाद कांवर यात्रा का विधिवत समापन हुआ।

इस पावन अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सावन के अंतिम सोमवार पर आयोजित इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम ने पिथौरा में भक्ति और आस्था का विशेष माहौल बना दिया।