UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दंतेवाड़ा जिले से जंगली जानवरों के अवैध शिकार के लिए लगाए गए तार की चपेट में आने से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना बारसूर थाना क्षेत्र के हितामेटा गांव की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जंगली सूअर के शिकार के लिए इलाके में अवैध रूप से जीआई तार लगाया गया था। इसी तार की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एक अन्य युवक भी इसकी चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेजा गया है, जहां उसका इलाज जारी है। उसकी स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना की सूचना मिलते ही बारसूर थाना पुलिस और विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां मौजूद परिस्थितियों की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक तौर पर जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से अवैध रूप से जीआई तार लगाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तार किसने लगाया था और इसे किस उद्देश्य से विद्युत प्रवाह से जोड़ा गया था।
ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों के शिकार के लिए इस तरह के अवैध तरीके अपनाए जाने से मानव जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा होता है। जंगल और खेतों के आसपास लगाए गए ऐसे तारों की जानकारी समय पर नहीं मिलने पर राहगीर, ग्रामीण और मवेशी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। हितामेटा गांव की यह घटना इसी तरह की लापरवाही और अवैध गतिविधि के गंभीर परिणाम की ओर संकेत करती है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से आवश्यक जानकारी जुटाने के साथ ही हादसे के कारणों और अवैध तार लगाने वाले लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। विद्युत विभाग की टीम भी घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की पूरी स्थिति और जिम्मेदार लोगों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
दंतेवाड़ा जैसे वन क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अवैध शिकार पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। जंगली सूअर समेत अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए बिजली के तार का इस्तेमाल न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा है, बल्कि इससे आम लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच के बाद अवैध शिकार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संभावना है। फिलहाल बारसूर थाना पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है।