काजी कैंप पर मिसाइल वाले बयान से सियासी बवाल, रामेश्वर शर्मा की सफाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के जन्माष्टमी कार्यक्रम में दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विधायक के बयान का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा। विवाद बढ़ने पर रामेश्वर शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की ओर नहीं, बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप की ओर था। कांग्रेस नेता अब्बास हाफिज ने इस सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस्लामाबाद में काजी कैंप नाम का कोई इलाका नहीं है।
UNITED NEWS OF ASIA. भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। जन्माष्टमी के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कांग्रेस ने विधायक पर तीखा हमला बोला है। विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान को लेकर सफाई दी और कहा कि उनके कथन का संदर्भ भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद से था।
जानकारी के अनुसार, जन्माष्टमी कार्यक्रम में संबोधन के दौरान रामेश्वर शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारत की रक्षा क्षमता का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने मिसाइल से जुड़ा उदाहरण देते हुए काजी कैंप का नाम लिया। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधायक ने भोपाल के मुस्लिम बहुल इलाके काजी कैंप को निशाना बनाने की बात कही है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई।
विवाद बढ़ने पर रामेश्वर शर्मा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भोपाल के काजी कैंप की बात नहीं की थी, बल्कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित काजी कैंप का संदर्भ दिया था। विधायक की इस सफाई के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर सवाल उठाते हुए उनके बयान की मंशा पर चर्चा शुरू कर दी।
कांग्रेस के नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर अब्बास हाफिज ने विधायक की सफाई पर सवाल उठाया। उन्होंने इंटरनेट सर्च का हवाला देते हुए दावा किया कि इस्लामाबाद में काजी कैंप नाम से कोई इलाका या मोहल्ला मौजूद नहीं है। अब्बास हाफिज ने कहा कि विधायक के बयान को लेकर राज्य सरकार और भाजपा संगठन को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भोपाल के काजी कैंप जैसे इलाके का नाम लेकर दिया गया बयान सामाजिक सौहार्द के लिहाज से गंभीर है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को धार्मिक ध्रुवीकरण से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि त्योहारों और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान इस तरह के बयान समाज में विभाजन की स्थिति पैदा कर सकते हैं। कांग्रेस ने राज्य सरकार से विधायक के बयान को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है।
वहीं, भाजपा की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में राजनीतिक विवाद आगे और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। मामले में सबसे अहम पहलू विधायक के मूल बयान और बाद में दी गई सफाई के बीच का अंतर है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, इसलिए पूरे संदर्भ को सामने रखकर ही बयान का आकलन किया जाना उचित होगा।
रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आने के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं विधायक ने अपने बयान का संदर्भ पाकिस्तान से जोड़ते हुए सफाई दी है। अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।