विश्वकर्मा जयंती पर श्रमिक महासम्मेलन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की तीन बड़ी घोषणाएं
रायपुर में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों के लिए आधुनिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना और असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की। कार्यक्रम में 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचे श्रमिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमिक अपने परिश्रम और मेहनत से प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की इमारतों, सड़कों, पुलों, सिंचाई परियोजनाओं और उद्योगों के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पहली घोषणा के तहत शहरों में रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिकों के लिए आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। दूसरी घोषणा पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की रही। इसके माध्यम से काम के लिए लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के आवागमन को आसान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरी घोषणा के तहत असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलने वाली सहायता राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की जानकारी दी गई।
महासम्मेलन के दौरान श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में श्रमिकों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित होने की जानकारी भी दी गई। इन योजनाओं में सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
कार्यक्रम में श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के तहत पहले 100 बच्चों को लाभ दिया गया था, जिसे बढ़ाकर 200 बच्चों तक किया गया है। इसी दौरान श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली छात्रा मनिंदर कौर को लैपटॉप और एक लाख 75 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया। मनिंदर ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश हासिल किया है और उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किए जाने की जानकारी दी गई।
महासम्मेलन में 100 श्रमिक महिलाओं को दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और महिलाओं से बातचीत भी की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक बहनों के साथ भोजन किया और उनके कामकाज, परिवार तथा बच्चों की पढ़ाई से संबंधित जानकारी ली। इसके अलावा श्रमिक पंजीयन और योजनाओं को अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ तथा PVC और QR कोड युक्त नए श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया गया।
विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सम्मेलन में ‘आशीर्वाद का दीया’ भी प्रज्ज्वलित किया गया। मुख्यमंत्री ने हजारों श्रमिकों के साथ दीप जलाया और प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रमिक उपस्थित रहे।