कोरिया में 12 हाथियों के दल का उत्पात, मकान और फसलों को नुकसान, एक बैल की मौत
कोरिया जिले के बैकुंठपुर वन मंडल में पिछले तीन दिनों से विचरण कर रहे 12 हाथियों के दल ने बीती रात विशुनपुर और रोबो गांव में नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने विशुनपुर में एक ग्रामीण के कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त करने के साथ मक्का और धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया। रोबो गांव में हाथियों की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई और एक गाय घायल हुई है। हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की टीम नुकसान का सर्वे कर रही है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l कोरिया जिले के बैकुंठपुर वन मंडल क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से विचरण कर रहे 12 हाथियों के दल ने बीती रात कई इलाकों में उत्पात मचाया। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों ने विशुनपुर गांव में एक ग्रामीण के कच्चे मकान को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा खेतों में लगी मक्का और धान की फसलों को भी रौंदकर नुकसान पहुंचाया गया है। लगातार हाथियों के गांवों और खेतों के आसपास पहुंचने से ग्रामीणों को अपने जान-माल और फसलों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
हाथियों के दल ने रोबो गांव में भी नुकसान पहुंचाया। यहां हाथियों की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई, जबकि एक गाय घायल हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही के चलते ग्रामीणों को जंगल और हाथियों के संभावित मार्ग वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की जा रही है।
फिलहाल 12 हाथियों का दल सोस गांव के जंगल में दिनभर विश्राम कर रहा है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभागीय टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। मकान, फसल और पशुधन को हुए नुकसान की जानकारी जुटाकर नियमानुसार क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और उनकी गतिविधियों में किसी तरह की बाधा नहीं डालने की समझाइश दी जा रही है।
हाथियों के गांवों के आसपास पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण उन्हें खेतों और जंगल से जुड़े क्षेत्रों में जाने में परेशानी हो रही है। वहीं फसलों और मकानों को नुकसान होने से आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ रहा है। पशुधन को नुकसान पहुंचने की घटना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नहीं जाने, रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचने और हाथियों की सूचना मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की जा रही है। विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर निगरानी रख रही है और प्रभावित गांवों में आवश्यक जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल हाथियों का दल सोस गांव के जंगल में मौजूद है और विभाग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। आने वाले दिनों में हाथियों का दल किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर ग्रामीणों और वन विभाग की नजर बनी हुई है। लगातार बढ़ते मूवमेंट के बीच ग्रामीणों की सुरक्षा, फसलों और पशुधन की रक्षा तथा नुकसान की समय पर भरपाई को लेकर वन विभाग की निगरानी और रोकथाम व्यवस्था महत्वपूर्ण बनी हुई है।