तेलीबांधा चौक का नाम बदलने का कांग्रेस ने किया विरोध, भक्त माता कर्मा के नाम पर रखने की मांग

कांग्रेस ने रायपुर के तेलीबांधा चौक समेत प्रदेश के 38 स्थानों के नाम बदलकर “सेवा ज्योति संकल्प चौक” किए जाने के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तेलीबांधा चौक की ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखी जाए या इसे भक्त माता कर्मा अथवा तेलिन दाई के नाम पर किया जाए।

Oct 8, 2026 - 10:42
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तेलीबांधा चौक का नाम बदलने का कांग्रेस ने किया विरोध, भक्त माता कर्मा के नाम पर रखने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर के प्रसिद्ध तेलीबांधा चौक का नाम बदलने के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत रायपुर के तेलीबांधा चौक सहित प्रदेशभर के 38 स्थानों का नाम बदलकर “सेवा ज्योति संकल्प चौक” किए जाने का फैसला कांग्रेस को स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस ने तेलीबांधा चौक की पुरानी पहचान को बनाए रखने या इसे भक्त माता कर्मा अथवा तेलिन दाई के नाम पर किए जाने की मांग की है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तेलीबांधा चौक की पहचान 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी बताई जाती है। उनके अनुसार यह केवल एक स्थान का नाम नहीं, बल्कि रायपुर की ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे पुराने नामों को बदलने से शहर की ऐतिहासिक पहचान प्रभावित होती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक मुद्दों पर काम करने के बजाय नामकरण और आयोजनों के माध्यम से राजनीतिक प्रचार को प्राथमिकता दे रही है।

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि तेलीबांधा चौक और तेलीबांधा तालाब से छत्तीसगढ़ के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। विशेष रूप से साहू समाज की भावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि चौक के नाम में बदलाव करना ही है तो इसे भक्त माता कर्मा या तेलिन दाई के नाम पर किया जाना चाहिए। कांग्रेस के अनुसार इससे स्थानीय इतिहास, समाज और क्षेत्र से जुड़ी पहचान को सम्मान मिलेगा।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस तेलीबांधा चौक की ऐतिहासिक पहचान को बदलने के फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा नाम परिवर्तन के फैसले को लागू करने की कोशिश की गई, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। पार्टी का कहना है कि शहरों और सार्वजनिक स्थलों की पहचान वहां के इतिहास और सामाजिक परंपराओं से जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी नाम परिवर्तन से पहले स्थानीय भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़े स्थानों और विभूतियों के महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है। सुशील आनंद शुक्ला ने इसे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने वाला विषय बताया और कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।

कांग्रेस के मुताबिक, नाम बदलने की बजाय सरकार को जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रखा जाए। यदि सरकार नाम परिवर्तन पर अड़ी रहती है तो कांग्रेस ने इसे भक्त माता कर्मा या तेलिन दाई के नाम पर करने का विकल्प सुझाया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और सरकार के बीच आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। पार्टी ने कहा है कि तेलीबांधा चौक की ऐतिहासिक एवं सामाजिक पहचान को किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।