SIR में हटाए गए 19 लाख मतदाताओं के नामों की जिला-वार सूची सार्वजनिक करने की मांग, कांग्रेस ने आयोग से पूछा- नाम क्यों काटे?

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से करीब 19 लाख नाम हटाए जाने का दावा करते हुए चुनाव आयोग से जिला, विधानसभा और मतदान केंद्रवार सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस ने प्रत्येक नाम हटाने का कारण, दावा-आपत्तियों की संख्या और मतदाताओं को दी गई सूचना का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।

Oct 8, 2026 - 10:37
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SIR में हटाए गए 19 लाख मतदाताओं के नामों की जिला-वार सूची सार्वजनिक करने की मांग, कांग्रेस ने आयोग से पूछा- नाम क्यों काटे?

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से मतदाता सूची से हटाए गए करीब 19 लाख नामों का कारण सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस का दावा है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और अब आयोग द्वारा इन नामों को दोबारा जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल बताते हुए पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि SIR के दौरान मतदाता सूची से करीब 19 लाख नाम हटाए गए थे और अब उन्हें पुनः जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है, तो जनता को यह जानने का अधिकार है कि आखिर इन नामों को हटाने का आधार क्या था। उन्होंने कहा कि नाम हटने के कारण कई मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें अपने नाम को लेकर संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी और मतदाताओं को हुई परेशानी का जवाब कौन देगा।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि SIR के तहत हटाए गए नामों का पूरा विवरण जिला-वार सार्वजनिक किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में कितने नाम हटाए गए, किस विधानसभा क्षेत्र में कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए और किस मतदान केंद्र से कितने नाम हटे, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। कांग्रेस के अनुसार प्रत्येक नाम हटाने का कारण भी स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि मतदाता और राजनीतिक दल पूरी प्रक्रिया को समझ सकें।

धनंजय सिंह ठाकुर ने यह भी मांग की कि नाम हटाने की प्रक्रिया, प्राप्त दावा-आपत्तियों की संख्या और संबंधित मतदाताओं को दी गई सूचना का विवरण सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। कांग्रेस का तर्क है कि जब लाखों नाम हटाए जाने के बाद उन्हें दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, तो पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड जनता के सामने होना चाहिए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर पार्टी द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन शिकायतों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया। पार्टी ने अब सवाल उठाया है कि यदि नाम वास्तव में गलत तरीके से हटाए गए थे, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही है। हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं और नाम हटाने की वास्तविक वजह तथा पूरी प्रक्रिया का आधिकारिक विवरण चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का नाम मतदाता सूची में होना उसके मतदान के अधिकार से सीधे जुड़ा है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नाम हटाने और पुनः जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। पार्टी ने आयोग से जिला, विधानसभा और मतदान केंद्र स्तर तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि जनता और राजनीतिक दल स्वयं पूरे मामले की समीक्षा कर सकें।