सिम्स में पहली बार 78 वर्षीय महिला के अंडाशय कैंसर की सफल सर्जरी, एक किलो का ट्यूमर निकाल बचाई जान

बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 78 वर्षीय महिला के अंडाशय से लगभग एक किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर नया जीवन दिया। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज का पूरा इलाज और जटिल ऑपरेशन निशुल्क किया गया।

Aug 7, 2026 - 14:23
 0  2
सिम्स में पहली बार 78 वर्षीय महिला के अंडाशय कैंसर की सफल सर्जरी, एक किलो का ट्यूमर निकाल बचाई जान

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 78 वर्षीय महिला के अंडाशय में विकसित कैंसरयुक्त ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। यह सिम्स में अपनी तरह का पहला मामला माना जा रहा है, जिसमें इतनी अधिक उम्र की महिला के शरीर से लगभग एक किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर सुरक्षित निकालकर उन्हें नया जीवन दिया गया। जटिल और उच्च जोखिम वाली इस सर्जरी को विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

दर्रीघाट, बिलासपुर निवासी महिला पिछले पांच से छह महीनों से पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द और तेजी से बढ़ रही गांठ की समस्या से परेशान थीं। परिजन पहले उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद ऑपरेशन और इलाज के लिए दो से तीन लाख रुपये का खर्च बताया गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार इलाज कराने में असमर्थ था। इसके बाद मरीज को सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उनका संपूर्ण उपचार और जटिल ऑपरेशन पूरी तरह निशुल्क किया गया।

जांच के दौरान सोनोग्राफी में महिला के बाएं अंडाशय में लगभग 15×12×10 सेंटीमीटर आकार का विशाल कैंसरयुक्त ट्यूमर पाया गया। यह ट्यूमर आसपास के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव बना रहा था, जिससे मरीज की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। विशेषज्ञों की सलाह के बाद 3 अगस्त 2026 को सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान कैंसर की स्टेजिंग सर्जरी, ट्यूमर का पूर्ण निष्कासन, गर्भाशय और दोनों अंडाशयों को निकालने की प्रक्रिया, बाईं मूत्रवाहिनी की मरम्मत तथा उसमें डबल-जे स्टेंट प्रत्यारोपित करने जैसी जटिल शल्य प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी की गईं।

इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, जनरल सर्जरी विभाग, रेडियोलॉजी विभाग और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। सभी विभागों के समन्वय, आधुनिक तकनीक और सटीक चिकित्सा प्रबंधन के कारण ऑपरेशन बिना किसी बड़ी जटिलता के सफल रहा।

विशेषज्ञों ने बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद इतनी अधिक उम्र की महिला में इस आकार का कैंसरयुक्त अंडाशय ट्यूमर अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। ऐसे मामलों में ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, आंत, मूत्राशय और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है। हालांकि विशेषज्ञ टीम की कुशल योजना, सटीक एनेस्थीसिया प्रबंधन और अनुभवी सर्जनों की दक्षता से सभी संभावित जोखिमों पर सफलतापूर्वक नियंत्रण रखा गया।

वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है। उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। मरीज के परिजनों ने निशुल्क और सफल उपचार के लिए सिम्स प्रबंधन तथा चिकित्सा टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह सफलता न केवल सिम्स बिलासपुर की चिकित्सा क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी उच्च स्तरीय और जटिल चिकित्सा सेवाएं बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा सकती हैं।