भाजपा के राज में महिलाएं डर के साये में जीने को मजबूर: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने बालोद में छात्रा पर हुए एसिड अटैक को लेकर भाजपा सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भय का माहौल है। कांग्रेस ने गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है।

Oct 8, 2026 - 10:29
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भाजपा के राज में महिलाएं डर के साये में जीने को मजबूर: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बालोद में छात्रा पर हुए एसिड अटैक की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिलाएं और छात्राएं सुरक्षा को लेकर भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि बालोद की घटना से पहले दुर्ग जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान महिला पर एसिड अटैक की घटना भी सामने आई थी। कांग्रेस ने इन घटनाओं को प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।

वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही घटनाओं से अपराधियों में कानून का भय खत्म होने की स्थिति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बीच सरकार की पुलिसिंग और अपराधियों में कानून के डर को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रदेश में हर दिन महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध सामने आ रहे हैं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। ये आंकड़े और दावे कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने बालोद की घटना को विशेष रूप से गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रा लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी, इसी दौरान उस पर एसिड से हमला किया गया और वह गंभीर रूप से घायल हुई। वंदना राजपूत ने कहा कि इस तरह की घटना छात्राओं और महिलाओं के मनोबल पर गंभीर असर डालती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्राएं पढ़ाई के बाद घर लौटते समय भी सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, तो वे स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल तक निर्भीक होकर कैसे पहुंचेंगी।

वंदना राजपूत ने इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी गृह मंत्री पर डालते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बयान या औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस ने पुलिसिंग व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े तंत्र को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने ‘महतारी वंदन’ योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसिड की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बावजूद प्रदेश में प्रशासनिक नियंत्रण प्रभावी नहीं दिखाई दे रहा है। इस संबंध में उन्होंने सरकार से एसिड की अवैध बिक्री और उपलब्धता पर सख्त निगरानी की मांग की।

वंदना राजपूत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि राजधानी से लेकर जिलों तक पुलिस अलर्ट रहने का दावा किया जाता है, तो दिनदहाड़े एसिड अटैक की घटना के बाद आरोपी पैदल कैसे फरार हो गया। उन्होंने डायल 112 और महिला सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

कांग्रेस ने कहा कि बालोद की घटना को सामान्य अपराध के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी के अनुसार इस तरह की घटनाएं समाज में महिलाओं और छात्राओं के बीच असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। वंदना राजपूत ने सरकार से महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।