आलीराजपुर में कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ी, 5 से बढ़कर 20 हुई
आलीराजपुर जिले में ग्रामीणों की पेयजल और सिंचाई जरूरतों को देखते हुए कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजाति गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान की मांग पर इसकी घोषणा की थी। अब संबंधित विभाग ने आदेश जारी कर घोषणा को लागू कर दिया है। इससे दूर-दराज बसे फलियों और ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई सुविधा का विस्तार मिलने की उम्मीद है।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l आदिवासी बाहुल्य आलीराजपुर जिले में ग्रामीणों की पेयजल और सिंचाई संबंधी जरूरतों को देखते हुए कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ाने की मांग अब पूरी हो गई है। जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृत किए जाने वाले कपिलधारा कुओं की संख्या 5 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणा के बाद संबंधित विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। इससे जिले के ग्रामीण और किसान परिवारों को सिंचाई सुविधा का विस्तार मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, भगवान बिरसा मुंडा जयंती और जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। इस दौरान आयोजित सभा में कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या को मुख्यमंत्री के सामने रखा था। उन्होंने बताया था कि ग्राम पंचायत स्तर पर कपिलधारा योजना के अंतर्गत वर्तमान में केवल 5 कुओं की स्वीकृति होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसानों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मंत्री नागरसिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को बताया था कि आलीराजपुर जिले में ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाली बसाहटें काफी विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई हैं। मुख्य गांवों के अलावा बड़ी संख्या में फलिये भी दूर-दूर स्थित हैं। ऐसे में सीमित संख्या में कपिलधारा कुएं स्वीकृत होने के कारण कई ग्रामीण परिवारों और किसानों को सिंचाई तथा पानी की उपलब्धता के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ाने की मांग रखी थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से ही इस मांग पर सकारात्मक घोषणा करते हुए कपिलधारा कुओं की संख्या 5 से बढ़ाकर 20 करने की बात कही थी। अब संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर आदेश जारी कर दिया गया है। इस तरह मुख्यमंत्री की घोषणा को अब प्रशासनिक स्तर पर लागू कर दिया गया है।
कपिलधारा कुओं की संख्या बढ़ने से जिले के दूर-दराज बसे फलियों और ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विधायक प्रतिनिधि एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गोविंदा गुप्ता के अनुसार, आलीराजपुर में कई ग्रामीण बसाहटें एक-दूसरे से काफी दूरी पर स्थित हैं। ऐसे क्षेत्रों में सिंचाई के साधनों की उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। कुओं की संख्या बढ़ने से अधिक किसानों को अपने खेतों तक पानी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
आलीराजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार कृषि और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। सिंचाई के साधनों का विस्तार होने से किसान अपनी भूमि का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने पर फसल उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त फसल लेने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आय को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कपिलधारा कुओं की संख्या 5 से बढ़ाकर 20 किए जाने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई है। ग्रामीणों ने मांग को मुख्यमंत्री के सामने रखने और घोषणा को आदेश के माध्यम से लागू कराने के लिए कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं सांसद अनिता चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष मकू परवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत, युवा नेता विशाल रावत, पूर्व विधायक माधोसिंह डावर सहित जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसान हित में की गई घोषणा को मूर्त रूप देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।