बेटी के जन्मदिन पर 110 विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म सामग्री भेंट, शिक्षिका ने दिया सेवा और संस्कार का संदेश

पंडरिया के शासकीय प्राथमिक शाला महली में शिक्षिका सुधा सकुनिया ने अपनी बेटी वैष्णवी के चौथे जन्मदिन पर 110 विद्यार्थियों को टाई, बेल्ट और मोजे वितरित किए। इस पहल ने जन्मदिन को समाज सेवा और संस्कार का प्रेरणादायी उदाहरण बना दिया।

Aug 5, 2026 - 12:16
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बेटी के जन्मदिन पर 110 विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म सामग्री भेंट, शिक्षिका ने दिया सेवा और संस्कार का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जन्मदिन को समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते हुए शासकीय प्राथमिक शाला महली की शिक्षिका सुधा सकुनिया ने अपनी चार वर्षीय बेटी वैष्णवी के जन्मदिन पर अनूठी पहल की। उन्होंने विद्यालय के 110 छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए आवश्यक टाई, बेल्ट और मोजे वितरित कर इस विशेष अवसर को सेवा और संस्कार का उत्सव बना दिया।

इस आयोजन की सबसे भावुक झलक तब देखने को मिली, जब नन्हीं वैष्णवी ने अपने छोटे-छोटे हाथों से विद्यार्थियों को सामग्री वितरित की। बच्चों ने खुशी के साथ उपहार ग्रहण किए और वैष्णवी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय परिसर में पूरे समय आत्मीयता, स्नेह और खुशी का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम में वैष्णवी के पिता दीपक सकुनिया भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सेवा, सहयोग और दूसरों के प्रति संवेदनशील बनने की सीख देना सबसे बड़ा संस्कार है। यदि जीवन के विशेष अवसरों को समाज के साथ साझा किया जाए तो उनका महत्व और बढ़ जाता है।

विद्यालय के प्रधान पाठक पवन पाठक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य पारिवारिक अवसरों पर जरूरतमंद लोगों के साथ खुशियां बांटने का संकल्प ले, तो समाज में सकारात्मक बदलाव स्वतः दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे कार्य बच्चों को मानवता, सहयोग, दान और सामाजिक उत्तरदायित्व का वास्तविक पाठ पढ़ाते हैं।

विद्यालय के शिक्षक सुरेश देवांगन और शिक्षिका इन्द्राणी डोरे ने भी वैष्णवी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल बच्चों में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सामग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों ने सुधा सकुनिया, दीपक सकुनिया और वैष्णवी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके इस प्रयास की सराहना की। विद्यालय परिवार ने भी इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

यह पहल इस बात का संदेश देती है कि जन्मदिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियां बांटने का माध्यम भी बन सकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसरों को सेवा और सहयोग से जोड़ने का संकल्प ले, तो एक संवेदनशील, सहयोगी और संस्कारित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।