नए वर्ष का संकल्प धरातल पर: कलेक्टर अमित कुमार की टीम ने दुर्गम नक्सल प्रभावित गोगुंडा में दी दस्तक

सुकमा जिले में नववर्ष के अवसर पर कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम नियद नेल्ला नार क्षेत्र के ग्राम गोगुंडा का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

Jan 1, 2026 - 17:22
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नए वर्ष का संकल्प धरातल पर: कलेक्टर अमित कुमार की टीम ने दुर्गम नक्सल प्रभावित गोगुंडा में दी दस्तक

 UNITED NEWS OF ASIA. रीजेंट गिरी, बीजापुर | सुकमा – नए वर्ष के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सुकमा जिला प्रशासन ने एक सराहनीय और साहसिक पहल की है। कलेक्टर  अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार सुबह 7:30 बजे धुर नक्सल प्रभावित और अत्यंत दुर्गम ‘नियद नेल्ला नार’ क्षेत्र के ग्राम गोगुंडा में पहुंचकर शासन की मंशा को जमीनी स्तर पर साकार किया।

घने जंगलों, कठिन रास्तों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए कलेक्टर अमित कुमार के साथ पुलिस अधीक्षक  किरण चव्हाण भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीणों की पीड़ा, समस्याओं और आवश्यकताओं को सीधे संवाद के माध्यम से समझना था।

ग्राम गोगुंडा पहुंचते ही अधिकारियों ने ग्रामीणों से खुलकर बातचीत की। राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि अब ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि सुविधाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर कलेक्टर  अमित कुमार ने कहा कि शासन की स्पष्ट मंशा है कि दूरस्थ और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी रूप से मिले। इसके लिए प्रशासन संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ सतत निगरानी करते हुए कार्य करेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई और प्राथमिकता के साथ योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए।

यह दौरा ग्रामीणों के लिए उम्मीद और विश्वास की नई किरण बनकर सामने आया। वर्षों से उपेक्षित रहे इस क्षेत्र में प्रशासन की सीधी उपस्थिति ने शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने का कार्य किया है।

इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ  मुकुन्द ठाकुर, डीएफओ  अक्षय भोंसले सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन का यह कदम न केवल विकास की दिशा में मजबूत नींव रखने वाला है, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भरोसे और शांति की स्थापना की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।