श्री दावड़ा विश्वविद्यालय में AI इनोवेशन सेल का शुभारंभ, विद्यार्थियों को मिलेगा भविष्य की तकनीक से जुड़ने का अवसर
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर श्री दावड़ा विश्वविद्यालय में AI इनोवेशन सेल का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सभी विषयों से जोड़ने, विद्यार्थियों के कौशल विकास और बेहतर प्लेसमेंट के लिए इसके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर श्री दावड़ा विश्वविद्यालय में AI इनोवेशन सेल का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मानद निदेशक तुलसीदास संघानी द्वारा महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय की महानिदेशक चार्मी दावड़ा और सीईओ चिन्मय दावड़ा ने AI इनोवेशन सेल का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चार्मी दावड़ा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी या इंजीनियरिंग विषयों तक सीमित नहीं रह गया है। वर्तमान समय में शिक्षा, प्रबंधन, वाणिज्य, कला, मानविकी और विज्ञान सहित लगभग हर क्षेत्र में AI की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी अपने विषय के साथ AI का प्रभावी उपयोग सीख सके और आधुनिक तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सके।
सीईओ चिन्मय दावड़ा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विद्यार्थियों के दैनिक अध्ययन, शोध और कार्यप्रणाली का प्रभावी सहयोगी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी अधिष्ठाताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने संकायों में AI आधारित शिक्षण और प्रशिक्षण को बढ़ावा दें, ताकि विद्यार्थियों के प्लेसमेंट और करियर के अवसर और बेहतर हो सकें।
आईटी विभाग की सौम्या यश ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस पर AI इनोवेशन सेल की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को नई तकनीकों के प्रति जागरूक बनाने और उन्हें उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता सुरजीत डे मण्डल ने तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में निरंतर सीखते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय की अधिष्ठाता मनीषा पांडेय ने सतत विकास लक्ष्यों के साथ AI के उपयोग को जोड़ने की आवश्यकता बताई और कहा कि तकनीक का उपयोग समाज के व्यापक हित में होना चाहिए।
शैक्षणिक अधिष्ठाता नितिन जायसवाल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा AI से संबंधित जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की। वहीं कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मनीष वर्मा ने देश में AI आधारित शिक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन के दूरदर्शी निर्णय की सराहना की।
प्रति-कुलपति वरूण गंजीर ने AI को "आर्ट ऑफ इंटेलिजेंस" के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि यह तकनीक केवल मशीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम भी है। कुलसचिव विपिन श्रीवास्तव ने अपने अनुभव साझा करते हुए इंजीनियरिंग शिक्षा में AI के विकास और वर्तमान स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में बिसाहू राम साहू ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के सभी संकायों के अधिष्ठाता, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, नॉन-टीचिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि AI इनोवेशन सेल विद्यार्थियों के कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार के अवसरों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।